drnewsindia.com / भोपाल/मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
स्वीकृत राशि में प्रमुख योजनाएँ शामिल हैं—
- पीवीटीजी आहार अनुदान योजना – 2,350 करोड़ रुपये
- एकीकृत छात्रावास योजना – 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये
- सीएम राइज विद्यालय योजना – 1,416 करोड़ 91 लाख रुपये
- आवास सहायता योजना – 1,110 करोड़ रुपये
- शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजनाएँ (कक्षा 9 सहित) – 522 करोड़ 8 लाख रुपये
- मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना – 31 करोड़ 3 लाख रुपये
सरकार का उद्देश्य जनजातीय और कमजोर वर्गों को शिक्षा, पोषण और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं में निरंतर लाभ देना है।
‘धरती आबा’ अभियान के तहत हजारों घरों का विद्युतीकरण
मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 63,077 अविद्युतीकृत घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये की मंजूरी दी।

- केंद्र सरकार का अंश – 220 करोड़ 03 लाख रुपये
- राज्य सरकार का अंश – 146 करोड़ 69 लाख रुपये
इसके अलावा, 8,521 घरों को ऑफ-ग्रिड (सोलर + बैटरी) प्रणाली से विद्युतीकरण के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
जिन दूरस्थ बसाहटों में प्रति घर लागत 2 लाख रुपये से अधिक है, वहां सोलर आधारित ऑफ-ग्रिड सिस्टम से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
न्यायालय के आईटी संवर्ग कर्मचारियों को आयु सीमा में राहत

उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया।
वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष निर्धारित है।
नए पेंशन नियमों को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 और पेंशन का सारांशीकरण नियम 2026 को मंजूरी दी।
नए प्रावधानों के अनुसार—
- पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा
- समयसीमा में प्रकरणों का निराकरण संभव होगा
- परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े नए नियम
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा उपदान का संदाय नियम 2026 को भी मंजूरी दी, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
इन नियमों के तहत—
- अभिदाता की मृत्यु की स्थिति में परिवार पेंशन का प्रावधान
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी व्यवस्थाएं
- केंद्र और राज्य की पूर्व सेवाओं को जोड़ने की सुविधा
- अंशदान, गणना और निकास प्रक्रिया को स्पष्ट बनाया गया
साथ ही, विभागीय जांच की स्थिति में उपदान से वसूली और अंशदान भुगतान संबंधी विस्तृत प्रावधान भी तय किए गए हैं।




