मंत्रिमंडल समिति की बैठक में ड्राफ्ट पर चर्चा, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई नीति
drnewsindia.com/भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रालय में इस ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके मौजूद रहे। मंत्रियों द्वारा दिए गए सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। अंतिम रूप से प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी।
नई आबकारी नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
21 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य
नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये करने पर फोकस किया गया है।
पिछले वर्ष 18,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
राजस्व वृद्धि के लिए—
- अवैध शराब निर्माण और परिवहन पर सख्त प्रावधान
- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिक्री पर नियंत्रण
- संबंधित जिलों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

दुकानों के आवंटन की नई प्रक्रिया
- चालू वित्त वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ आवंटन प्रस्तावित
- पहले नवीनीकरण (Renewal)
- फिर लॉटरी प्रक्रिया
- अंत में ई-टेंडर के माध्यम से ठेका
यदि कोई दुकान नहीं बिकती है तो ई-टेंडर प्रक्रिया अंतिम विकल्प रहेगा।
प्रदेश में वर्तमान में कुल 3,558 कंपोजिट शराब दुकानें संचालित हैं।
धार्मिक नगरों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियम यथावत
- 2025-26 की नीति में 17 धार्मिक नगरों की 47 दुकानें बंद की गई थीं।
- नई नीति में कोई नई दुकान खोलने या अतिरिक्त दुकान बंद करने का प्रस्ताव नहीं।
- नर्मदा नदी किनारे 5 किमी परिधि में दुकान नहीं खोली जाएगी।
- धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर दूरी का नियम यथावत।
साथ ही, शॉपिंग मॉल में प्रीमियम शराब काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे।
⚖️ आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रस्ताव
नई नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 की उन कंडिकाओं को समाप्त करने का प्रस्ताव है जो अब अव्यावहारिक हो चुकी हैं या जिनसे सरकार को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा।
नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा बैठक
मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में इन विषयों पर चर्चा:
- आपराधिक न्याय प्रणाली
- फॉरेंसिक व्यवस्था
- जेल प्रबंधन
- साइबर अपराध नियंत्रण
- आतंकवाद निरोध
- मादक पदार्थ नियंत्रण
- आपदा प्रबंधन
- पुलिस आधुनिकीकरण
बैठक में भारत सरकार की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा-2) निष्ठा तिवारी, संयुक्त निदेशक अमृता डेस सहित गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय, विधि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक अभियोजन, एनआईसी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे।




