बीना रेलवे स्टेशन: 9 करोड़ का सफाई टेंडर फिर भी गंदगी का अंबार, निरीक्षण में खुली दावों की पोल

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drnewsindia.com

बीना। रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों ने बीना रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया, जिसमें करोड़ों के बजट के बावजूद स्टेशन की बदहाली और भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।

निरीक्षण की मुख्य खामियां:

समिति सदस्य श्री निलेश कुमार श्रीवास्तव एवं श्री दिनेश पुरोहित ने स्टेशन प्रबंधक और मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक की उपस्थिति में जो कमियां पाईं, वे इस प्रकार हैं:

  • सीवेज की समस्या: रेलवे ट्रैक पर सीवेज का पानी जमा है, जिससे संक्रमण का खतरा और असहनीय दुर्गंध बनी हुई है।
  • पार्किंग एवं टिकट काउंटर: पार्किंग विस्तार की जरूरत है। टिकट काउंटर के पास गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा मिला, साथ ही टिकट वेंडिंग मशीनें भी बंद पाई गईं।
  • स्टाफ की अनुपस्थिति: रिकॉर्ड में तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी है, लेकिन मौके पर एक भी सफाई कर्मचारी नजर नहीं आया।
  • पेयजल का अभाव: प्लेटफॉर्म नंबर 1 के बाहर यात्रियों के लिए नल और स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं मिली।

खान-पान में बड़ी लापरवाही

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आए:

  1. अवैध अंडा बिक्री: सोपान और कंचन जैसे ‘शाकाहारी’ रेस्टोरेंट्स में अंडे बेचे जा रहे थे।
  2. ओवररेटिंग: ₹15 की पानी की बोतल बेची जा रही थी, जो रेलवे नियमों के विरुद्ध है।

करोड़ों का टेंडर, फिर भी अव्यवस्था क्यों?

निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि स्टेशन की सफाई के लिए 3 साल के लिए 9 करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित है। सलाहकार समिति ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी स्टेशन ‘नरक’ क्यों बना हुआ है?

“जब 3 साल के लिए 9 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत है, तो ऐसी गंदगी असहनीय है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।” — निलेश कुमार श्रीवास्तव, सदस्य (रेलवे सलाहकार समिति)

आगे की कार्रवाई

समिति ने स्पष्ट किया है कि इस निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल और आवश्यकता पड़ने पर महाप्रबंधक (GM) पश्चिम मध्य रेलवे को भेजी जाएगी ताकि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो सके।

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