MP में कुदरत की मार: फरवरी में चौथी बार बारिश और ओलों का तांडव, खेतों में बिछी सफेद चादर, फसलों को भारी नुकसान

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भोपाल/सीहोर/शिवपुरी | मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया और सक्रिय ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में फरवरी महीने में चौथी बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। शिवपुरी में भारी ओले गिरने से खेत सफेद चादर से ढक गए, वहीं सीहोर और जबलपुर समेत कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

शिवपुरी जिले की पिछोर, करैरा, नरवर और शिवपुरी तहसीलों में कुदरत का कहर देखने को मिला। लालगढ़, रायश्री और टोंगरा गांवों में इतने बड़े और ज्यादा ओले गिरे कि खेत पूरी तरह सफेद हो गए।

  • प्रभावित फसलें: सरसों, चना, गेहूं और टमाटर की खड़ी फसलों को इस बेमौसम मार से भारी नुकसान पहुँचा है।
  • बर्बादी का मंजर: ओलों की वजह से दाने झड़ गए और पौधे जमीन पर बिछ गए हैं, जिससे किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
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सीहोर जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई।

  • तापमान का खेल: सोमवार को पारा 15 डिग्री था, जो मंगलवार सुबह गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
  • जनजीवन: अचानक बढ़ी ठंड के कारण सुबह लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस. तोमर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और हवाओं की दिशा बदलने से यह स्थिति बनी है।

जबलपुर और सीधी में धूल भरी आंधी और बारिश

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी मौसम ने अचानक करवट ली है।

  • जबलपुर: दोपहर तक तेज धूप खिली थी, लेकिन शाम होते ही धूल भरी आंधी चली और बूंदाबांदी शुरू हो गई।
  • सीधी: यहाँ दोपहर में ही भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

IMD भोपाल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक लो-प्रेशर एरिया एक्टिव है, जिसका असर एमपी में बना रहेगा।

इन जिलों में अलर्ट जारी:

स्थितिप्रभावित जिले
भारी बारिश & आंधीमऊगंज, सीधी, सिंगरौली (50 km/h की रफ्तार से हवाएं)
बारिश की संभावनाग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह

यह महीना मौसम के लिहाज से बेहद अस्थिर रहा है:

  1. पहला सप्ताह: घना कोहरा और ठंड।
  2. दूसरा सप्ताह: कड़ाके की ठंड की वापसी।
  3. तीसरा सप्ताह: 18 से 21 फरवरी तक लगातार बारिश।
  4. चौथा सप्ताह: अब फिर से बारिश, ओले और गिरता पारा।

विशेषज्ञ की राय: मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आगे बढ़ने और नए सिस्टम के सक्रिय होने से अगले 24-48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल और बौछारें बनी रह सकती हैं।

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