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सीहोर/ जब किसी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटता है और कोई अपना साथ छोड़ जाता है तो उस कठिन घड़ी में अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं जुटाना एक बड़ी चुनौती होती है। शहर की जागरूक युवाओं की संस्था टीम संडे का सुकून ने इसी पीड़ा को समझा और आज से ठीक एक साल पहले शहर में मोक्ष वाहन सेवा की शुरुआत की। इस सेवा ने सफलतापूर्वक अपना एक साल पूरा कर लिया है, जो अब शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ा संबल बन गई है।
टीम संडे का सुकून ने बताया कि पिछले एक साल के सफर में यह मोक्ष वाहन 200 से अधिक शोकाकुल परिवारों के बीच पहुंच चुका है। मात्र एक कॉल पर वाहन प्रशिक्षित चालक के साथ मृतक के निवास पर पहुंच जाता है। सबसे खास बात यह है कि इस पूरी सेवा का प्रबंधन और आर्थिक भार टीम संडे का सुकून खुद ही उठाती है। टीम ने जानकारी दी कि साल भर में वाहन के संचालन पर लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का खर्च आया है। इसमें प्रशिक्षित वाहन चालक का वेतन, डीजल का खर्च और वाहन का रखरखाव शामिल है।
मोक्ष वाहन के चालक केवल गाड़ी ही नहीं चलाते, बल्कि वे अंतिम विदाई की प्रक्रियाओं में हाथ बंटाकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय भी देते हैं। टीम सदस्यों के अनुसार सेवा का दायरा केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों से सूचना मिलने पर भी टीम तत्परता से वहां पहुंचती है। टीम संडे का सुकून के इस सेवाभावी कार्य की नगर में मुक्त कंठ से सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जहां आज के दौर में हर चीज व्यापार बन गई है, वहीं इन युवाओं ने निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा का जो बीड़ा उठाया है, वह प्रेरणादायी है। टीम ने बताया कि इस सेवा के लिए हमने मोबाइल नंबर 8120205052 जारी कर रखा है।





