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सीहोर: चुनावी वादे और धरातल की हकीकत के बीच का अंतर सीहोर के टांडा से मेंडोरा मार्ग पर साफ देखा जा सकता है। तीन साल पहले जिस सड़क का भूमिपूजन बड़े उत्साह और दावों के साथ किया गया था, वह आज भी धूल और गड्ढों में तब्दील है। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने सत्ताधारी दल और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
कांग्रेस का आरोप: “सिर्फ पत्थर लगा, सड़क नहीं बनी”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान वोट बटोरने के लिए आनन-फानन में फीते काटे गए और तस्वीरें खिंचवाई गईं। जनता को भरोसा दिया गया था कि जल्द ही चकाचक सड़क मिलेगी, लेकिन आज हकीकत यह है कि मौके पर सिर्फ भूमिपूजन का पत्थर खड़ा है और काम शुरू तक नहीं हुआ।
ग्रामीणों की मुसीबत: “सड़क है या हादसों का जाल?”
सड़क निर्माण न होने से टांडा और मेंडोरा के ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है:
- हादसों का डर: गहरे गड्ढों के कारण आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं।
- धूल का गुबार: उड़ती धूल की वजह से दृश्यता (Visibility) कम हो जाती है, जो बड़े हादसों को न्योता दे रही है।
- कीचड़ और बीमारी: बरसात के समय हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना भी एक चुनौती बन जाता है।
⚠️ ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सीधे तौर पर संबंधित विभाग और ठेकेदार के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि:
- लापरवाह ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए।
- सड़क निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो।
- देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजीव गुजराती ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही इस सड़क का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने सवाल उठाया— “क्या विकास के नाम पर किया गया वह भूमिपूजन सिर्फ एक चुनावी दिखावा था?”




