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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड की वैधता को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब आधार कार्ड की सक्रियता सीधे तौर पर व्यक्ति के वीजा की अवधि और उसकी कानूनी स्थिति से जुड़ी होगी। जैसे ही वीजा की मियाद खत्म होगी, आधार कार्ड अपने आप निष्क्रिय (Deactivate) हो जाएगा।

नए नियमों का वर्गीकरण (Classification of Rules)
विभिन्न श्रेणियों के विदेशी नागरिकों के लिए आधार की वैधता अलग-अलग तय की गई है:
| श्रेणी (Category) | आधार की वैधता (Validity) | शर्त (Condition) |
| OCI कार्डधारक | 10 वर्ष | भारतीय मूल के नागरिकों के लिए नवीनीकरण अनिवार्य। |
| नेपाल और भूटान के नागरिक | 10 वर्ष | भारत के साथ विशेष संबंधों के चलते राहत। |
| LTV (लॉन्ग टर्म वीजा) | वीजा अवधि तक | जितने समय का वीजा, उतने समय का आधार। |
| टूरिस्ट/स्टूडेंट/बिजनेस वीजा | वीजा अवधि तक | वीजा समाप्त होते ही आधार स्वत: निष्क्रिय। |
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम? (The Rationale)
राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो मुख्य कारणों से यह फैसला लिया है:
- फर्जीवाड़े पर लगाम: पिछले कुछ समय में देखा गया कि वीजा खत्म होने के बाद भी विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों से आधार बनवाकर देश में अवैध रूप से रह रहे थे।
- सुविधाओं का दुरुपयोग रोकना: आधार का उपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और सिम कार्ड जैसी सेवाओं के लिए होता है। अब बिना वैध वीजा के इन सुविधाओं का लाभ उठाना नामुमकिन होगा।

नई निगरानी प्रणाली (Monitoring System)
सरकार की नई व्यवस्था के तहत आधार का डेटाबेस अब सीधे वीजा और इमिग्रेशन रिकॉर्ड से लिंक रहेगा।
- ऑटो-डिएक्टिवेशन: जैसे ही इमिग्रेशन सिस्टम में वीजा की समाप्ति दर्ज होगी, संबंधित आधार कार्ड सिस्टम से ब्लॉक हो जाएगा।
- पारदर्शिता: इससे विदेशी नागरिकों की वास्तविक कानूनी स्थिति की पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए आसान होगा।
एक्सपर्ट कमेंट: “यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे ‘डिजिटल पहचान’ का दुरुपयोग रुकेगा और केवल वैध प्रवासियों को ही सुविधाएं मिलेंगी।”




