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सीहोर/भेरुंदा | मंगलवार शाम सीहोर जिले में एक ‘सफेद बोलेरो’ और ‘बच्चा चोरी’ की अफवाह ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी। 7 साल के मासूम के जबरन अपहरण की सूचना मिलते ही पूरे जिले को छावनी में तब्दील कर दिया गया, लेकिन जब पुलिस ने गाड़ी पकड़ी तो पूरी कहानी ही पलट गई।
🚨 वायरलेस पर गूंजा ‘किडनैपिंग’ का अलर्ट
3 मार्च की शाम 4:28 बजे भादाकुई की रहने वाली सीमा मीणा ने डायल 112 पर कॉल कर दिल दहला देने वाली सूचना दी। उन्होंने बताया कि कुछ अज्ञात लोग उनके 7 वर्षीय बेटे हिमांश को सफेद बोलेरो में किडनैप कर ले गए हैं।
- पुलिस एक्शन: सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए और वायरलेस पर संदेश प्रसारित कर जिले के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर सख्त नाकाबंदी कर दी गई।
- इछावर में सफलता: कुछ ही देर बाद इछावर पुलिस ने एक संदिग्ध बोलेरो को घेराबंदी कर रोक लिया। गाड़ी के अंदर वही मासूम हिमांश मिल गया।

🛑 चौंकाने वाला मोड़: अपहरण नहीं, ‘पारिवारिक कलह’
जब पुलिस ने बोलेरो में सवार लोगों से पूछताछ की, तो मामला किडनैपिंग का नहीं बल्कि घर की लड़ाई का निकला।
- कौन थे गाड़ी में? बोलेरो में मासूम के साथ कोई अपराधी नहीं, बल्कि उसके पिता राहुल मीणा और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे।
- विवाद की वजह: भेरुंदा एसडीओपी रोशन कुमार जैन के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी खींचतान के बीच पिता अपने बेटे को साथ ले गया था, जिसे मां ने ‘अपहरण’ समझकर पुलिस को सूचना दे दी।

📊 घटनाक्रम: मिनट दर मिनट
| समय | घटनाक्रम |
| शाम 4:28 बजे | कंट्रोल रूम को ‘बच्चा चोरी’ की पहली सूचना मिली। |
| शाम 4:45 बजे | जिलेभर में वायरलेस अलर्ट और सख्त नाकाबंदी शुरू। |
| शाम 5:15 बजे | इछावर पुलिस ने संदिग्ध सफेद बोलेरो को हिरासत में लिया। |
| शाम 6:00 बजे | पूछताछ में पारिवारिक विवाद का खुलासा हुआ, पुलिस ने राहत की सांस ली। |

📢 पुलिस की अपील: सूचना से पहले जांचें तथ्य
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद में पुलिस को भ्रामक जानकारी न दें। हालांकि, इस मामले में पुलिस की मुस्तैदी की सराहना भी हो रही है कि उन्होंने सूचना मिलते ही पलक झपकते ही गाड़ी को ढूंढ निकाला।
नोट: मासूम हिमांश सुरक्षित है और पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी है।




