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सीहोर। जिले में आज रंगपंचमी का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक जोश के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर की गलियों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक रंगों की बौछार और गुलाल की महक छाई रही। लेकिन इस बार का उत्सव खास था, क्योंकि रंगों के इस पर्व के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का विशेष संयोग भी जुड़ा था।

रंगों में सराबोर हुआ पूरा जिला
सुबह से ही टोलियों के रूप में लोग सड़कों पर निकले और एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी।
- लोकगीतों की गूंज: पारंपरिक गीतों और फाग पर थिरकते युवाओं और बुजुर्गों ने त्योहार का आनंद दोगुना कर दिया।
- दोपहर तक चला जश्न: रंग खेलने का यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर दोपहर तक निरंतर जारी रहा।
- उत्साह का माहौल: शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में चारों ओर केवल रंगों की छटा ही नजर आ रही थी।
सुरक्षा की कमान ‘नारी शक्ति’ के हाथ
इस वर्ष रंगपंचमी और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एक ही दिन होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं का वर्चस्व दिखाई दिया। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया था।
इन अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने मुस्तैदी से काम किया:
- अभिनंदना शर्मा (नगर पुलिस अधीक्षक)
- पूजा शर्मा (एसडीओपी) इसके साथ ही बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल विभिन्न चौराहों और संवेदनशील इलाकों में तैनात रहकर व्यवस्था संभालता रहा।
“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमारी महिला अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दी हैं, वह सराहनीय है। उनकी मेहनत और अनुशासन की बदौलत ही त्योहार शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।”
— दीपक कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक, सीहोर
पुलिस प्रमुख ने बढ़ाया उत्साह
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने इस दोहरे अवसर पर सभी महिला पुलिस कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




