सीहोर (मध्य प्रदेश): जिले में मां और बच्चे की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। ‘ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस’ के तहत आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों तक टीकाकरण की सुविधा पहुँचाई जा रही है।
🛡️ एचपीवी (HPV) वैक्सीन: बेटियों के लिए सुरक्षा कवच
महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के खतरे को देखते हुए भारत सरकार के निर्देश पर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
लक्ष्य: 14 से 15 वर्ष की किशोरियां।
अब तक की प्रगति: जिले की 70 बालिकाओं को एचपीवी की पहली खुराक दी जा चुकी है।
विशेषज्ञ की राय: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे गंभीर कैंसर है। यह टीकाकरण अभियान अगले 3 महीनों तक निरंतर जारी रहेगा।
📊 टीकाकरण अभियान की रिपोर्ट (एक नजर में)
हाल ही में आयोजित शिविरों के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं:
श्रेणी
संख्या (टीकाकृत/जांच)
0 से 1 वर्ष के बच्चे
700
1 वर्ष से अधिक के बच्चे
260
गर्भवती महिलाएं (जांच)
107
किशोरियां (HPV वैक्सीन)
70
📍 ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस: घर के पास इलाज
जिले की अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों पर इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: यदि आपके घर में 14-15 वर्ष की बेटियां हैं या छोटे बच्चे हैं जिनका टीकाकरण शेष है, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या ‘ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस’ शिविर में संपर्क करें।
क्यों जरूरी है एचपीवी वैक्सीन?
यह भविष्य में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) कैंसर से बचाता है।
इसे कम उम्र में लगाना सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है।
सरकारी केंद्रों पर यह पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।