करीला धाम: माता जानकी के दरबार में ‘मन्नतों’ का पिटारा; किसी को चाहिए जज की कुर्सी, तो किसी को रेणुका से शादी का वरदान!

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अशोकनगर/करीला | विश्व प्रसिद्ध करीला धाम में रंगपंचमी के तीन दिवसीय मेले के बाद दान राशि की गणना पूरी हो गई है। इस बार माता के दरबार में न केवल नकदी और विदेशी मुद्राएं मिलीं, बल्कि भक्तों की भावनाओं से भरी ऐसी ‘अर्जियां’ भी सामने आई हैं जो आज के दौर की जरूरतों और इच्छाओं का आईना पेश करती हैं।

💸 दान राशि: 3 साल में सबसे कम रहा चढ़ावा

इस वर्ष दान पेटी से प्राप्त राशि में गिरावट देखी गई है। सोमवार को प्रशासन की मौजूदगी में हुई गिनती के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कुल नकद राशि: 20 लाख 760 रुपए।
  • चेक: 40 हजार रुपए का एक चेक।
  • नारियल नीलामी: इस साल केवल 1 लाख रुपए में (बीते साल यह 3 लाख से अधिक थी)।
  • विदेशी मुद्रा: अमेरिका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल की करेंसी भी मिली।
  • एंटीक: जूनागढ़ रियासत के समय का एक ऐतिहासिक चांदी का सिक्का।

💌 मन्नतों की अर्जी: “माता! रेणुका के घरवाले मान जाएं”

माता जानकी के चरणों में मिलीं हजारों चिट्ठियां युवाओं की उम्मीदों को बयां कर रही हैं:

  • शादी की गुहार: एक युवक ने अर्जी में लिखा कि उसकी शादी ‘रेणुका’ के साथ इसी मार्च में हो जाए और दोनों के परिवार राजी हो जाएं।
  • सरकारी नौकरी: नरसिंहपुर की माया ने ‘मंगल दोष’ मुक्ति और सरकारी नौकरी वाला वर मांगा है। वहीं कई युवाओं ने पुलिस, रेलवे, सेना और CISF में नौकरी की मन्नत मांगी है।
  • जज बनने की चाह: एक भक्त ने खुद के ‘जज’ बनने और भाई को सरकारी नौकरी दिलाने की अर्जी लगाई है।
  • व्यापार और विवाद: किसी ने डूबते हुए कपड़े के व्यापार को बचाने की विनती की है, तो किसी ने खेत की मेढ़ का पुराना जमीनी विवाद सुलझाने की।

📉 बीते 5 सालों के चढ़ावे का तुलनात्मक विश्लेषण

वर्षनकद चढ़ावा (लाख में)नारियल नीलामी (लाख में)
202218.482.50
202316.501.00
202422.861.50
202526.113.01
2026 (वर्तमान)20.001.00

🙏 मन्नत पूरी होने पर ‘राई नृत्य’ का वचन

भक्तों ने माता से सिर्फ मांगा ही नहीं, बल्कि वचन भी दिए हैं। अर्जियों में लिखा गया है कि मुराद पूरी होने पर:

  1. करीला का प्रसिद्ध ‘राई नृत्य’ करवाया जाएगा।
  2. 51 कन्याओं को भोज कराया जाएगा।
  3. मंदिर में घंटा दान और 21 हजार से सवा लाख रुपए तक की गुप्त दान राशि भेंट की जाएगी।

प्रशासनिक मुस्तैदी

इस भारी-भरकम गिनती को पारदर्शी बनाने के लिए 80 पटवारी, 80 चौकीदार और 4 नायब तहसीलदार रैंक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह कार्य देर शाम तक चला।


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