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भैरुंदा (सीहोर) | सीहोर पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक लापता नाबालिग बालिका को महज 4 घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला है। पुलिस की इस मुस्तैदी की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
📌 मुख्य बिंदु
- मामला: मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़ना।
- समय: रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र 4 घंटे के भीतर सफलता।
- स्थान: सुहानी पैलेस, सीहोर रोड भैरुन्दा से बरामदगी।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 10 मार्च 2026 को एक फरियादी ने थाना भैरुंदा में सूचना दी कि उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध क्रमांक 132/2026 (धारा 137(2) BNS) दर्ज कर जांच शुरू की।
एक्शन में पुलिस टीम
सीहोर पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशों का पालन करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत एवं एसडीओपी श्री रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक पूजा सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने रात में ही बस स्टैंड और अन्य संभावित क्षेत्रों में सघन तलाशी शुरू की। रात्रि गश्त के दौरान प्रधान आरक्षक लोकेश रघुवंशी ने बालिका को सुहानी पैलेस के पास से सकुशल बरामद किया।
नाराजगी की वजह: काउंसलिंग से सुलझा मामला
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि बालिका मोबाइल का अत्यधिक उपयोग कर रही थी, जिस पर उसकी मां ने मोबाइल छीन लिया था। इसी बात से गुस्सा होकर वह घर छोड़कर चली गई थी। महिला उपनिरीक्षक पूजा राजपूत ने बालिका की उचित काउंसलिंग की और उसे भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की समझाइश देकर सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया।
मिसाल कायम करने वाली टीम:
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में निम्नलिखित अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही:
- उप निरीक्षक: पूजा राजपूत
- प्रधान आरक्षक: लोकेश रघुवंशी (रात्रि गश्त अधिकारी)
- आरक्षक: सतेंद्र, मुकेश एवं विश्वास
पुलिस की अपील: परिजनों से अनुरोध है कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और डिजिटल गैजेट्स के उपयोग को लेकर उन्हें प्यार से समझाएं।




