drnewsindia.com
आष्टा (सीहोर) | 12 मार्च, 2026: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच प्रशासन ने गैस सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए कमर कस ली है। आष्टा एसडीएम श्री नितिन टाले ने पुलिस बल और आपूर्ति विभाग के साथ गैस एजेंसियों के गोदामों का औचक निरीक्षण किया और वितरकों को सख्त हिदायत दी।
खबर के मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
- एक्शन: एसडीएम और थाना प्रभारी ने गैस एजेंसियों के गोदामों की जांच की।
- सख्ती: घरेलू गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी मिलने पर होगी सीधे एफआईआर।
- नया नियम: होटल, मॉल और फैक्ट्रियों को फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं मिलेगी।
- प्राथमिकता: अस्पताल, जेल, डिफेंस और शैक्षणिक संस्थानों को निर्बाध आपूर्ति के निर्देश।

क्यों बदला सप्लाई का नियम?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशानुसार, वर्तमान भू-राजनीतिक स्थितियों और आयात में रुकावट के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Users) को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इसी कड़ी में कमर्शियल सिलेंडर के स्टॉक की समीक्षा की जा रही है।
इन जगहों पर नहीं मिलेगी कमर्शियल गैस
ऑयल कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब इन स्थानों पर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी:
- होटल और रेस्टोरेंट
- शॉपिंग मॉल
- औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियां
- बल्क एलपीजी उपयोग करने वाले अन्य प्रतिष्ठान
अस्पतालों और पुलिस के लिए विशेष व्यवस्था
एसडीएम नितिन टाले ने बताया कि चिकित्सालयों, जेल, पुलिस, सीआरपीएफ और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं में गैस की कमी न हो, इसके लिए विशेष आकलन (Assessment) किया जा रहा है। इन संस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
जमाखोरी की तो खैर नहीं
बैठक के दौरान कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और एसडीएम ने स्पष्ट किया कि वितरक स्तर पर यदि सिलेंडरों का अवैध स्टॉक पाया जाता है या घरेलू सिलेंडर को व्यावसायिक उपयोग में भेजा जाता है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




