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सीहोर / सीहोर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने और पीएफ कटौती में अनियमितता के चलते आज बुधवार से आउटसोर्स कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
प्रमुख मुद्दे: क्यों आक्रोशित हैं कर्मचारी?
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रहा है। मुख्य शिकायतें निम्नलिखित हैं:
- वेतन का अभाव: पिछले 90 दिनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
- PF में गड़बड़ी: भविष्य निधि (PF) का पैसा नियमित रूप से जमा नहीं किया जा रहा है।
- अनसुनी मांगें: पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर अस्पताल प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
कलेक्टर से लेकर कृषि मंत्री तक पहुंची शिकायत
अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आज जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के सामने जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी व्यथा कलेक्टर के सामने रख चुके हैं और साथ ही स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी शिकायत भेज चुके हैं।
“हमें बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन खाली पेट काम करना अब मुमकिन नहीं है। जब तक वेतन नहीं मिलता, हड़ताल जारी रहेगी।” — प्रदर्शनकारी कर्मचारी
अस्पताल सेवाओं पर असर
चूंकि जिला अस्पताल की सफाई, सुरक्षा और अन्य सहायक कार्यों में आउटसोर्स कर्मचारियों की बड़ी भूमिका होती है, इस हड़ताल से मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गतिरोध को तोड़ने के लिए क्या कदम उठाता है।




