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सीहोर / आस्था, शक्ति और भक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्रि सीहोर शहर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। विश्रामघाट स्थित प्रसिद्ध मरीह माता मंदिर में हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्रि के दूसरे दिन यहाँ माँ के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की गई, वहीं आज तीसरे दिन भक्त माँ ‘चंद्रघंटा’ की आराधना करेंगे।
✨ आयोजन की झलकियां: हवन, आरती और कन्या भोज
मरीह माता मंदिर में सुबह से ही वातावरण मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से गुंजायमान है।
- कन्या पूजन: मंदिर परिसर में 60 से अधिक कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन के पैकेट वितरित किए गए।
- महाआरती: सुबह के विशेष हवन के पश्चात भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
- विशाल भंडारा: मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि आगामी 27 मार्च को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शहरभर के श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
🙏 मां ब्रह्मचारिणी: तप और संयम की प्रतिमूर्ति
संस्कार मंच के संयोजक मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने मां के दूसरे स्वरूप की महिमा बताते हुए कहा:
“मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमण्डल है। इन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की, जिससे इन्हें ‘तपश्चारिणी’ या ‘ब्रह्मचारिणी’ कहा गया। इनकी पूजा से भक्तों में तप, त्याग और सदाचार की वृद्धि होती है।”
🚩 आयोजन समिति के मुख्य सदस्य
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित महानुभावों का विशेष योगदान रहा:
- व्यवस्थापक: गोविन्द रोहित मेवाड़ा
- विद्वान पंडित: पंडित उमेश दुबे, पंडित पवन व्यास
- विशेष अतिथि: अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा, जितेन्द्र तिवारी
- सहयोग: हर्ष नामदेव, आयुष गुप्ता एवं अन्य।
📅 आज का विशेष: मां चंद्रघंटा की पूजा
आज नवरात्रि के तीसरे दिन शनिवार को मरीह माता मंदिर में मां चंद्रघंटा का दिव्य अनुष्ठान किया जाएगा। मां का यह स्वरूप शांति और कल्याण का प्रतीक है, जिनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है।
📊 मंदिर कार्यक्रम डायरी
| कार्यक्रम | तिथि/समय |
| प्रतिदिन पूजन | सुबह 7:00 बजे से |
| हवन एवं आरती | सुबह 8:30 बजे |
| विशाल भंडारा | 27 मार्च |
| मुख्य स्थान | विश्रामघाट स्थित मरीह माता मंदिर, सीहोर |




