बेमौसम बारिश की मार: सीहोर में भीगा ‘पीला सोना’, कटाई के वक्त किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

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सीहोर / सीहोर जिले में कुदरत का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पिछले 24 घंटों में तापमान 38°C तक पहुंचने से लोग भीषण गर्मी से बेहाल थे, वहीं अचानक बदले मौसम ने ठंडक तो दी, लेकिन अन्नदाता की रातों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार रात और शुक्रवार दोपहर हुई बेमौसम बारिश ने रबी की फसलों पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं।


📍 मंडी का हाल: खुले आसमान नीचे भीगा गेहूं

गुरुवार की रात करीब 45 मिनट तक हुई तेज बारिश और गरज-चमक ने कृषि उपज मंडी समिति सीहोर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।

  • भीगा अनाज: दुकानों के बाहर रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया।
  • क्वालिटी पर खतरा: मंडी के व्यापारी सतीश दरोठिया के अनुसार, इस बारिश से गेहूं की चमक (Luster) कम हो जाएगी, जिससे किसानों को उपज के सही दाम मिलना मुश्किल होगा।
  • सुखाने की जद्दोजहद: आज सुबह से ही किसान और व्यापारी भीगे हुए गेहूं को धूप में सुखाने की कोशिशों में जुटे नजर आए।

🌾 खेतों में संकट: गेहूं के साथ लहसुन-प्याज पर भी असर

यह बारिश तब हुई है जब क्षेत्र में रबी की फसल पूरी तरह पककर तैयार है।

  1. थ्रेसिंग में बाधा: कई किसानों की फसल कटाई के बाद खेतों में थ्रेसिंग के इंतजार में रखी है।
  2. तुलाई की प्रतीक्षा: जिन किसानों की थ्रेसिंग हो चुकी है, उनकी फसल खेतों में तुलाई के लिए रखी है। पानी गिरने से दाना काला पड़ने या खराब होने का डर है।
  3. सब्जियों को नुकसान: गेहूं के साथ-साथ उखाड़कर रखी गई लहसुन और प्याज की फसलों को भी भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

📊 बारिश के आंकड़े: एक नज़र में

दिनांकक्षेत्रवर्षा (mm)
20 मार्च (आज)सीहोर / श्यामपुरहल्की से तेज बौछारें
21 फरवरीआष्टा4 mm
21 फरवरीजावर3 mm
21 फरवरीश्यामपुर1.3 mm

☁️ क्या कहता है मौसम विभाग?

शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद श्यामपुर सहित कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में तो गिरावट आई है, लेकिन किसानों के लिए यह ‘आफत की बारिश’ साबित हो रही है। बारिश के डर से किसान अब जल्द से जल्द थ्रेसिंग निपटाने के लिए खेतों का रुख कर रहे हैं।

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