
श्यामपुर/सीहोर (drnewsindia.com): बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘दशहरा’ अमूमन शारदीय नवरात्रि में मनाया जाता है, लेकिन सीहोर जिले की श्यामपुर तहसील के ग्राम छतरी में एक अनोखी परंपरा सालों से जीवंत है। यहाँ चैत्र नवरात्रि के दौरान गणगौर चौथ के अवसर पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए समूचे क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग दशहरा मैदान पहुंचे।
9 दिनों की रामलीला और प्रभु श्रीराम का राजतिलक
उत्सव की शुरुआत नौ दिवसीय रामलीला के साथ हुई, जहाँ स्थानीय कलाकारों ने भगवान राम के जीवन प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। रावण वध के पश्चात जैसे ही पुतला दहन हुआ, पूरा आकाश आतिशबाजी से सराबोर हो गया। इसके तुरंत बाद रामलीला मंच पर भगवान श्री राम का राजतिलक किया गया। ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

तीन दिवसीय विशाल मेले की धूम
गणगौर उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय मेले ने ग्रामीणों को खूब आकर्षित किया।
- खरीदारी: दूर-दराज के अंचलों से आए लोगों ने घरेलू सामान और हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी की।
- मनोरंजन: बच्चों के लिए लगे झूलों और लजीज व्यंजनों के स्टॉल्स मेले के मुख्य आकर्षण रहे।
प्रशासन और पंचायत की मुस्तैदी
आयोजन को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने के लिए ग्राम पंचायत छतरी ने पुख्ता इंतजाम किए थे। मैदान में पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं, अहमदपुर पुलिस प्रशासन की टीम भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रही।
स्थानीय निवासी आशीष मेवाड़ा ने बताया: “ग्राम छतरी में चैत्र नवरात्रि की चौथ पर रावण दहन की यह परंपरा पीढ़ियों पुरानी है। इस वर्ष भी आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक यहाँ पहुंचे, जो इस उत्सव की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।”



