सीहोर (drnewsindia.com): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं और सरकारी नीतियों के विरोध में आज किसान कांग्रेस ने हुंकार भरी। किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों किसानों ने जिला कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर अपनी ताकत दिखाई। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती भी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ऋण वसूली की तारीख पर टकराव: ‘जेब खाली, कैसे भरें कर्ज?’
ज्ञापन में कांग्रेस ने सरकार की कर्ज वसूली नीति पर कड़ा प्रहार किया है। नेताओं का कहना है कि:
- सरकार ने सोसाइटियों में ऋण वसूली की अंतिम तिथि 28 मार्च तय की है।
- जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी।
- किसानों का तर्क है कि जब तक फसल बिकेगी नहीं, उनके पास पैसा कहाँ से आएगा? इसलिए ऋण वसूली की तारीख को तत्काल आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
सोयाबीन तेल आयात और एमएसपी की मांग
किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा ‘ट्रेड डील’ के माध्यम से आयातित सोयाबीन तेल को टैक्स-फ्री करने का कड़ा विरोध किया। किसानों का आरोप है कि इस कदम से घरेलू सोयाबीन के भाव गिर रहे हैं और देश का किसान आर्थिक संकट में है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि:
- गेहूं का दाम: लागत के अनुसार 4000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए।
- मुआवजा: प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों का रुका हुआ मुआवजा तत्काल खातों में डाला जाए।
बिजली विभाग की ‘जब्ती’ कार्यवाही पर नाराजगी
किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। आरोप है कि विभाग वसूली के नाम पर किसानों की मोटरसाइकिल और कृषि यंत्र जब्त कर उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक किसानों को उनकी उपज का पैसा नहीं मिल जाता, तब तक ऐसी दमनकारी वसूली पर रोक लगाई जाए।
प्रशासन को चेतावनी
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।




