सीहोर: सेवनियां में जमीन विवाद पर भड़के किसान, पुलिस और पटवारी पर ‘जबरन कब्जा’ कराने के गंभीर आरोप

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सीहोर (मंडी): जिले के ग्राम सेवनियां में जमीन के एक पुराने विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब दर्जनों किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित किसानों का सीधा आरोप है कि स्थानीय पटवारी और पुलिस ने बिना किसी कोर्ट ऑर्डर के उनके खेत में घुसकर ‘तारबंदी’ करवाई और विरोध करने पर बटाईदारों के साथ अभद्रता की।

क्या है पूरा मामला? (14 साल पुराना सौदा)

मामले की जड़ 14 साल पहले हुए एक सौदे में है। पीड़ित पक्ष के अनुसार:

  • सौदा: किसान हनुमंत सिंह ने अपनी कृषि भूमि करीब 14 साल पहले ₹11.75 लाख में पप्पू कौशल को बेची थी।
  • अनुबंध: पप्पू कौशल का दावा है कि उन्होंने पूरी रकम चुका दी थी, लेकिन हनुमंत सिंह रजिस्ट्री करने में लगातार टालमटोल करते रहे।
  • धोखाधड़ी का आरोप: आरोप है कि अब उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर उसे कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि 2012 से पप्पू कौशल के बटाईदार वहां खेती कर रहे हैं।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

किसानों के गुस्से का मुख्य कारण पटवारी और पुलिस की भूमिका है। पप्पू कौशल और ग्रामीणों का आरोप है कि:

  1. बिना आदेश की कार्रवाई: हाल ही में पटवारी और पुलिस बल अचानक खेत पहुँचा और बिना किसी वैध दस्तावेज या आदेश के सीमेंट के खंभे गाड़कर तारबंदी शुरू कर दी।
  2. पुलिस की सख्ती: जब बटाईदार दिलीप और हरिओम ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि पुलिस उन्हें डरा-धमकाकर जबरन मंडी थाने ले गई।
  3. एकतरफा कार्रवाई: किसानों का कहना है कि प्रशासन कानून का पालन करने के बजाय दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने में ‘मदद’ कर रहा है।

SP और कलेक्टर से न्याय की गुहार

इस घटना के बाद गांव में भारी रोष व्याप्त है। बड़ी संख्या में किसानों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला कलेक्टर को शिकायत भेजी है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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