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सीहोर | 03 अप्रैल, 2026 समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले सीहोर प्रशासन ने गड़बड़ियों को रोकने के लिए कमर कस ली है। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले के सभी निर्धारित गोदामों में भंडारण के भौतिक सत्यापन हेतु तहसीलवार जांच दल गठित कर दिए हैं।
02 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी जांच दल अगले 48 घंटों के भीतर आवंटित गोदामों का निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीदी शुरू होने से पहले गोदामों में अवैध रूप से या बिना स्लॉट बुकिंग के कोई स्टॉक जमा न किया गया हो।
“शासन के निर्देशानुसार 10 अप्रैल से गेहूं उपार्जन प्रारंभ होना है। पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए यह पूर्व-सत्यापन अनिवार्य है।” > — कलेक्टर कार्यालय, सीहोर
मैदान में उतरे अधिकारी: इन वेयरहाउसों की हुई जांच
कलेक्टर के आदेश मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें सक्रिय हो गईं और जिले के विभिन्न वेयरहाउसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दायरे में प्रमुख रूप से निम्नलिखित स्थान रहे:
- श्यामपुर: जानकी वेयर हाउस, नीलेश वेयर हाउस।
- कान्याखेड़ी: पटेल वेयर हाउस।
- गिल्लोर: सुदामा वेयरहाउस।
- बड़नगर: कमला वेयरहाउस, प्रतिभा श्री वेयरहाउस।
- बोरदी कला: श्री अष्ट विनायक वेयरहाउस।
- पांगरखाती: कमला श्री वेयरहाउस।
- भंवरी कला: महाकाल वेयर हाउस।
क्यों पड़ी जांच की जरूरत?
हाल ही में अन्य जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही गोदामों में अवैध रूप से गेहूं भंडारित कर लिया गया था। सीहोर जिले में ऐसी किसी भी संभावना को खत्म करने और किसानों को निष्पक्ष सुविधा देने के लिए यह सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।




