मंडी क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा; तहसीलदार के आश्वासन के बाद खुला जाम।
drnewsindia.com / सीहोर। जिले के मंडी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती ने नागरिकों और व्यापारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। रविवार को भीषण गर्मी के बीच जब 6 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही, तो आक्रोशित लोगों ने सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अव्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की।
⚡ जनता की शिकायत: “बिल पूरा, पर बिजली अधूरी”
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंडी क्षेत्र में बिजली की समस्या अब प्रतिदिन की कहानी बन गई है। मुख्य बिंदु जो जनता ने उठाए:
- व्यापार ठप: अघोषित कटौती से मंडी क्षेत्र के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।
- स्टाफ की कमी: लोगों ने बताया कि नया सब-स्टेशन तो बना दिया गया है, लेकिन वहाँ कर्मचारी तैनात नहीं हैं।
- सूचना का अभाव: मेंटेनेंस के नाम पर लाइट काट दी जाती है, लेकिन न तो समय पर सूचना दी जाती है और न ही समय पर बिजली वापस आती है।
🕒 6 घंटे का अंधेरा और सड़क पर उतरे लोग
रविवार सुबह 7 बजे से गुल हुई बिजली दोपहर 4 बजे तक नहीं आई, जबकि विभाग ने 1 बजे तक का आश्वासन दिया था। इसी बात से नाराज होकर लोग सड़कों पर उतर आए। मौके पर पहुँचे तहसीलदार अमित सिंह और पुलिस प्रशासन को जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
🛡️ प्रशासन का समाधान: चार जोन में बंटेगा मंडी क्षेत्र
तहसीलदार अमित सिंह और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और निम्नलिखित ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया:
- विभाजन (Zoning): मंडी क्षेत्र को अब चार अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा। इससे यदि किसी एक क्षेत्र में मेंटेनेंस होता है, तो पूरे मंडी की बिजली प्रभावित नहीं होगी।
- पूर्व सूचना: घोषित कटौती की जानकारी अब 1 दिन पहले अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
- समय की पाबंदी: कटौती के बाद जिस समय बिजली वापसी का वादा किया जाएगा, उसी समय सप्लाई बहाल करनी होगी।
“लोगों की नाराजगी जायज थी क्योंकि 7 बजे से गई लाइट शाम 4 बजे आई। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सुधार कार्य के दौरान जनता को कम से कम परेशानी हो।” — अमित सिंह, तहसीलदार
📢 जनहित में अपील
व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। वर्तमान में अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया गया है और यातायात बहाल हो गया है।




