सीहोर | नर्मदा नदी के तट पर आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहां जिले के भेरुदा क्षेत्र के ग्राम सातदेव में आयोजित महायज्ञ के समापन पर करीब 11 हजार लीटर दूध नदी में अर्पित किया गया। यह आयोजन नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की मंगल कामना, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और नदी की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
ग्राम सातदेव में कई दिनों से चल रहे इस महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद बुधवार को विशेष अनुष्ठान के तहत दूध अर्पण किया गया। टैंकरों के माध्यम से दूध को नर्मदा तट तक लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने इसे नदी में प्रवाहित किया।
इस दौरान आसपास के गांवों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। पूरा वातावरण धार्मिक आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया।
समाजसेवी राकेश राय ने बताया कि यह आयोजन नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की कुशलता और सभी के कल्याण की भावना से किया गया है। उन्होंने कहा कि “मंत्रोच्चार के साथ 11 हजार लीटर दूध नर्मदा में अर्पित कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की गई है।”
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे अनुष्ठान से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।




