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सीहोर। शहर के इंदिरा नगर स्थित प्रसिद्ध मरीह माता मंदिर में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक संत श्री कपिल महाराज ने भागवत महापुराण की महिमा का बखान करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाती है भागवत
कथा व्यास पीठ से प्रवचन देते हुए महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। उन्होंने राजा परीक्षित का उदाहरण देते हुए बताया कि:
- जिस प्रकार परीक्षित ने कथा श्रवण कर मृत्यु के भय को जीत लिया, वैसे ही भागवत जीव को निर्भय बना देती है।
- यह कथा हृदय को जाग्रत करती है और मनुष्य को कल्याण के मार्ग पर ले जाती है।
- अगहन मास में इस अमर कथा के श्रवण का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
वेदों और उपनिषदों का सार है भागवत
संत श्री कपिल महाराज ने कहा कि भागवत महापुराण वेदों और उपनिषदों का वह सार रूपी फल है, जिसका अमृत देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। यह वह सनातन ज्ञान है जो युगों-युगों से मानव जाति का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि इस कथा को सुनने मात्र से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं और भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न होता है।
दोपहर 2 बजे से हो रहा है आयोजन
मरीह माता मंदिर के व्यवस्थापक रोहित मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि:
- मंदिर परिसर में कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से किया जा रहा है।
- कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म लाभ लिया।
- आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों से कथा में सम्मिलित होने की अपील की है।
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