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रायसेन। जिले में भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे रायसेन शहर के सेंडोरा चौक के पास खेतों में छोड़ी गई नरबाई (फसल के अवशेष) में भीषण आग लग गई। तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया।
भोपाल रोड पर छाया घना धुआं, वाहन चालक परेशान
आग इतनी तेजी से फैली कि इसका असर रायसेन-भोपाल मुख्य मार्ग तक पहुंच गया। खेतों से उठने वाले काले और घने धुएं के कारण सड़क पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो गई, जिससे वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई वाहन चालकों को धुएं के कारण रुकना पड़ा, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
3 घंटे तक धधकती रही आग, पेड़-पौधे झुलसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की चपेट में आने से खेतों के आसपास खड़े कई हरे-भरे पेड़-पौधे भी जलकर खाक हो गए। लगभग तीन घंटे तक पूरा क्षेत्र आग और धुएं की चपेट में रहा। गनीमत यह रही कि समय रहते सूचना मिलने पर रिहायशी इलाकों तक आग नहीं पहुंच सकी।
नगर पालिका की टीम ने पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही रायसेन नगर पालिका की दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने विपरीत परिस्थितियों और तेज हवा के बीच कड़ी मशक्कत की और करीब तीन घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
प्रशासन के आदेशों की सरेआम धज्जियां
यह घटना एक बार फिर लापरवाही की ओर इशारा करती है। प्रशासन ने खेतों में नरबाई (खेती का कचरा) जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और आगजनी की घटनाएं न बढ़ें। इसके बावजूद, मूंग की अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लालच में किसान नरबाई जला रहे हैं।
प्रशासन की अपील: अधिकारियों ने किसानों से एक बार फिर सख्त लहजे में अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और खेतों में आग न लगाएं। उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
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