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अशोकनगर/बहादुरपुर। जिले के बहादुरपुर क्षेत्र अंतर्गत गोरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब कैथन नदी के किनारे एक विशालकाय मगरमच्छ आराम फरमाता नजर आया। गांव के ही एक युवक ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद से यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मगरमच्छ की मौजूदगी ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा, नदी जाने से कतरा रहे लोग
मगरमच्छ दिखने की खबर फैलते ही गोरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने मवेशियों को पानी पिलाने या खेती के काम से नदी की ओर जाने में अब डर महसूस कर रहे हैं। उन्हें डर है कि मगरमच्छ घात लगाकर मवेशियों या इंसानों पर हमला न कर दे।
बेतवा की बाढ़ ने बदला कैथन नदी का मिजाज
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह समस्या वर्ष 2021 से शुरू हुई है:
- 2021 की बाढ़: भीषण बाढ़ के दौरान बेतवा नदी का पानी कैथन नदी में मिल गया था, जिसके साथ मगरमच्छ बहकर इस क्षेत्र में आ गए।
- प्रजनन से बढ़ी संख्या: पिछले 5 वर्षों में इन मगरमच्छों ने यहीं अपना कुनबा बढ़ा लिया है।
- बस्तियों में दस्तक: पानी सूखने पर ये मगरमच्छ भोजन की तलाश में हाजूखेड़ी, बहादुरपुर, खोपरा, सुमेर, बरीं और कुम्हरी जैसे गांवों की बस्तियों तक पहुँच जाते हैं।
वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
वन विभाग ने जानकारी दी है कि वर्ष 2024 में नदी सूखने के दौरान लगभग एक दर्जन मगरमच्छों (नवजात से लेकर 8 वर्ष तक के) का रेस्क्यू कर उन्हें वापस बेतवा नदी में छोड़ा गया था।
ग्रामीणों के लिए वन विभाग की एडवायजरी
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- नदी मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास है, इसलिए उन्हें पत्थर मारकर या अन्य तरीके से छेड़ें नहीं।
- यदि मगरमच्छ रिहायशी इलाके या बस्ती के करीब दिखे, तो स्वयं पकड़ने की कोशिश न करें।
- ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
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