drnewsindia.com/नई दिल्ली। Narendra Modi प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पंचायती राज दिवस के अवसर पर देशभर के जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और राष्ट्रसेवा के महत्व पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित साझा कर जनप्रतिनिधियों के कर्तव्य और दायित्व को सरल शब्दों में समझाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक सच्चे जनप्रतिनिधि की खुशी जनता की खुशी में होती है और उसका हित भी जनता के हित में निहित होता है। उन्होंने जो संस्कृत श्लोक साझा किया, वह इस प्रकार है
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्।
नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्॥”
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। जनता को जो प्रिय होता है, वही उसे भी प्रिय होता है। यानी जनप्रतिनिधि का पहला धर्म जनता की सेवा और कल्याण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर देशभर के जनप्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन। जनसेवा के साथ राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को देशभर में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच सराहा जा रहा है। पंचायती राज दिवस के मौके पर यह संदेश जनसेवा, समर्पण और जिम्मेदारी का नया संदेश देता है।




