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इछावर/सीहोर | सोमवार जिले के कृषि बीज, खाद और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर शक्ति प्रदर्शन किया। ‘एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन’ के बैनर तले जुटे व्यापारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
⚠️ बड़ी चेतावनी: एक माह का अल्टीमेटम
संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि एक माह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले पूरे देश के कृषि व्यापारी अनिश्चितकालीन बंद पर चले जाएंगे।
प्रमुख 12 सूत्रीय मांगें: क्यों आक्रोशित हैं व्यापारी?
व्यापारियों ने ज्ञापन में 12 बिंदुओं को रेखांकित किया है, जिनमें से मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- लिंकिंग पर रोक: खाद निर्माता कंपनियों द्वारा थोपी जा रही जबरन ‘लिंकिंग’ को तुरंत बंद किया जाए।
- मार्जिन में वृद्धि: डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8% किया जाए।
- डिलीवरी: खाद की डिलीवरी सीधे विक्रेता के Point of Sale (POS) तक सुनिश्चित हो।
- जवाबदेही: यदि सीलबंद पैकेट में उत्पाद फेल होता है, तो जिम्मेदारी डीलर की नहीं बल्कि निर्माता कंपनी की तय हो।
- साथी पोर्टल: इसे अनिवार्य बनाने के बजाय वैकल्पिक किया जाए।
- कानूनी संशोधन: बीज अधिनियम में बदलाव कर डीलरों को ‘प्रथम पक्ष’ बनाने की प्रक्रिया सरल की जाए और एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी के लिए नीति बने।
“10 साल से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है”
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे पिछले एक दशक से केंद्र और राज्य सरकार के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है।
“यदि व्यापारी हड़ताल पर जाते हैं, तो इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और किसानों पर पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।” — संघ पदाधिकारी




