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सीहोर | जिला मुख्यालय के समीप ग्राम महुआखेड़ी तकीपुर में शनिवार से आध्यात्मिक उत्सव का आगाज हो गया। यहाँ सात दिवसीय विशाल एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ एवं शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुआ। पहले दिन हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
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महोत्सव का आरंभ भगवान राम मंदिर से भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यज्ञ संचालक पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में 51 से अधिक जोड़ों और हजारों ग्रामीणों ने इस यात्रा में भाग लिया। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाओं के जयकारों और शंखध्वनि ने वातावरण को दिव्य बना दिया। यह यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होती हुई शिव मंदिर पहुंची, जहाँ वैदिक आचार्यों ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।

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महोत्सव के दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं:
- अग्नि स्थापना: रविवार को विशेष पूजन, अभिषेक और अग्नि स्थापना के साथ अनुष्ठान आगे बढ़ेंगे।
- रामलीला: प्रतिदिन रात्रि को कुशल कलाकारों द्वारा प्रभु श्री राम की लीलाओं का मंचन किया जाएगा।
- भंडारा: श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन शाम को विशाल भंडारे (प्रसाद) की व्यवस्था की गई है।
- भजन संध्या: सुप्रसिद्ध भजनों की प्रस्तुति से क्षेत्र में भक्ति रस की धारा बह रही है।

व्यवस्थाओं में दिखी एकजुटता
मुख्य यजमान सुरेश ‘गब्बर’ परमार ने बताया कि समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से इस दिव्य आयोजन को भव्य रूप दिया गया है। अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के बैठने की पृथक व्यवस्था की गई है। यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री और संत गोपाल का ग्रामवासियों ने आत्मीय स्वागत किया।
संतों का संदेश: “ऐसे अनुष्ठान न केवल आत्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे और नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं। सनातन धर्म की यह परंपरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है।”
उपस्थिति:
इस गौरवमयी क्षण के साक्षी भगवान सिंह परमार, देवनारायण परमार, दशरथ परमार, महेन्द्र परमार, विमल परमार सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण जन बने।
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