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गुवाहाटी: असम के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता संभालने जा रहा है। डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा आज लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शिरकत कर रहे हैं।
कैबिनेट का स्वरूप: नए चेहरे और अनुभवी साथी
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ आज 4 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन और अनुभव का मिश्रण देखा जा रहा है:
- रामेश्वर तेली
- अतुल बोरा
- चरण बोरो
- अजंता नेओग
विशेष नोट: रंजीत दास असम विधानसभा के नए स्पीकर होंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि भविष्य में कैबिनेट का विस्तार कर कुल संख्या 18-19 तक ले जाई जा सकती है।
शपथ ग्रहण से पहले की बड़ी बातें
| नेता | प्रमुख बयान / अपडेट |
| सर्बानंद सोनोवाल | “असम की जनता और NDA के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है।” |
| नितिन गडकरी | “असम के विकास के लिए ₹2 लाख करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।” |
| सुवेंदु अधिकारी | “हिमंता मेरे बड़े भाई जैसे हैं। उनके नेतृत्व में घुसपैठ की समस्या खत्म हुई है।” |
| ज्योतिरादित्य सिंधिया | “जनता ने पीएम के विजन ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर मुहर लगाई है।” |
| प्रद्योत देब बर्मा | “उम्मीद है नई सरकार पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए काम करेगी।” |
BJP की प्रचंड जीत के 4 मुख्य स्तंभ
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में भाजपा के 92.1% स्ट्राइक रेट (89 में से 82 सीटें) के पीछे ये चार बड़े कारण रहे:
- परिसीमन का प्रभाव: 2023 के परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या 41 से घटकर 26 रह गई, जिससे भाजपा को कई सीटों पर बढ़त मिली।
- विपक्ष का बिखराव: कांग्रेस और AIUDF के अलग चुनाव लड़ने से मुस्लिम वोटों का बंटवारा हुआ, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला।
- हिमंता की लोकप्रियता: बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर उनका कड़ा रुख और ‘हिंदू ध्रुवीकरण’ ने उन्हें एक कद्दावर नेता के रूप में स्थापित किया।
- कांग्रेस में सेंध: चुनाव से ठीक पहले भूपेन कुमार बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई जैसे दिग्गजों का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए घातक साबित हुआ।

विपक्ष के लिए चुनौतियां
126 सदस्यीय विधानसभा में इस बार नेता प्रतिपक्ष (LoP) के पद पर संशय बना हुआ है।
- नियम: आधिकारिक दर्जा पाने के लिए कम से कम 13 सीटें (कुल संख्या का 10%) चाहिए।
- स्थिति: हालांकि कांग्रेस के पास 19 सीटें हैं, लेकिन गठबंधन की तकनीकी स्थिति स्पष्ट न होने के कारण यह पद खाली रह सकता है। विपक्षी गठबंधन कुल 21 सीटों पर सिमट गया है।

एक नज़र आंकड़ों पर
- महिला शक्ति: सदन में कुल 7 महिला विधायक पहुंची हैं (6 NDA, 1 कांग्रेस)।
- क्लीन स्वीप: भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में विपक्ष का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया है।
अपडेट: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शपथ से पहले मां कामाख्या का आशीर्वाद लिया और राज्य की शांति व समृद्धि की कामना की।





