महंगाई का बड़ा झटका: 2 साल बाद ₹3-₹3 महंगे हुए पेट्रोल और डीजल; CNG के दाम भी बढ़े, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

0
4

drnewsindia.com

नई दिल्ली/दिल्ली | आम जनता के लिए एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर है। देश में करीब 2 साल के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें आज यानी 15 मई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं। केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई है।

इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹97.77 और डीजल के लिए ₹90.67 चुकाने होंगे। वहीं, 1 किलो CNG की कीमत बढ़कर ₹79.09 हो गई है।


📊 दिल्ली में पेट्रोल-डीजल का नया ‘प्राइस बिल्डअप’ (Price Buildup)

आखिर आप जो कीमत चुका रहे हैं, उसमें किसका कितना हिस्सा है? नीचे दी गई तालिका से समझिए:

टैक्स और कमीशन का गणितपेट्रोल (संभावित दर)डीजल (संभावित दर)
डीलरों से लिया जाने वाला मूल मूल्य₹77.49₹74.42
डीलर कमीशन (औसत)₹4.40₹3.03
वैट (VAT @ 19.4% / 17.7%)₹15.88₹13.22
रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP)₹97.77₹90.67

🚫 आम आदमी की जेब और किचन पर सीधा असर:

डीजल के दाम बढ़ने का मतलब है देश में हर चीज का महंगा होना। आने वाले दिनों में इन 3 मोर्चों पर असर दिखेगा:

  1. मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, दालें और राशन महंगे हो जाएंगे।
  2. खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों का डीजल खर्च बढ़ेगा, जिससे अनाज की उत्पादन लागत में इजाफा होगा।
  3. सफर होगा महंगा: सार्वजनिक परिवहन, ऑटो और बच्चों की स्कूल बसों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

🗺️ कीमतें बढ़ने की असली वजह: ईरान-अमेरिका तनाव और क्रूड ऑयल

  • $100 के पार क्रूड: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (पश्चिम एशिया संकट) से पहले कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुकी है।
  • कंपनियों का महा-नुकसान: पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL जैसी सरकारी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का घाटा हो रहा था।

क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?

बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹3 की यह बढ़ोतरी काफी नहीं है। तेल कंपनियों को ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ (Break-Even) की स्थिति में आने के लिए अभी पेट्रोल के दाम ₹28 और डीजल के दाम ₹32 प्रति लीटर तक और बढ़ाने की जरूरत है। अगर ग्लोबल मार्केट में सप्लाई ऐसी ही रही, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।


📉 चुनावी राहत के बाद अब मजबूरी, सरकार ने पहले घटाई थी एक्साइज ड्यूटी

लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 की कटौती की थी, जिसके बाद से मार्च 2024 से दाम स्थिर थे। हालांकि, पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पहले ही कीमतें 15% से 20% तक बढ़ चुकी थीं, लेकिन भारत में इसे रोक कर रखा गया था।

इससे पहले सरकार ने कीमतों को थामने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती भी की थी, जिससे पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹21.90 से घटकर ₹11.90 और डीजल पर ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी।


💬 प्रधानमंत्री मोदी का देश को सुझाव: “ईंधन का इस्तेमाल संयम से करें”

हाल ही में तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालातों को देखते हुए देशवासियों से अपील की थी। पीएम ने कहा था कि— “आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए, ताकि विदेशी मुद्रा बचे और युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सके।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here