NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: ₹50 लाख तक में बेचा पेपर, गारंटी के लिए लेते थे ब्लैंक चेक; आरोपी कोचिंग डायरेक्टर बनाने वाला था 8 एकड़ का कॉलेज

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drnewsindia.com/जयपुर/नई दिल्ली

NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र के लातूर की प्रसिद्ध RCC कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने नीट के गेस पेपर को ₹5 लाख से लेकर ₹50 लाख तक में बेचा था।

इतना ही नहीं, इस गिरोह का नेटवर्क इतना शातिर था कि वे छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर पेपर की कीमत तय करते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे नगर निगम ने आरोपी शिवराज मोटेगांवकर की RCC कोचिंग क्लासेस को पूरी तरह सील कर दिया है।

📌 कैसे काम करता था यह गिरोह? (Modus Operandi)

CBI जांच के अनुसार, पेपर बेचने की पूरी डील बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत होती थी:

  • सौदा तय करने का तरीका: पेपर की कोई एक तय कीमत नहीं थी। आरोपी पहले छात्र के परिवार का बैकग्राउंड और उनकी आर्थिक स्थिति देखते थे, फिर रकम तय की जाती थी।
  • टोकन मनी और गारंटी: शुरुआत में पूरी रकम नहीं ली जाती थी, सिर्फ कुछ ‘टोकन मनी’ ली जाती थी। बाकी की रकम के लिए गारंटी के तौर पर छात्रों के असली डॉक्यूमेंट्स और ब्लैंक चेक (Blank Cheques) रख लिए जाते थे।
  • शर्त क्या थी?: डील के मुताबिक, जब आंसर-की (Answer Key) आ जाए और यह साबित हो जाए कि दिया गया ‘क्वेश्चन बैंक’ असली पेपर से मिल रहा है, तब बाकी के पैसे चुकाने होते थे।

डील के बाद हुआ विवाद: परीक्षा के बाद कई अभिभावकों ने पूरे पैसे देने से मना कर दिया। उनका दावा था कि फिजिक्स (Physics) के कुछ सवाल मैच नहीं खा रहे हैं। कुछ ने आधी रकम दी और बाकी पैसे रिजल्ट के बाद देने की बात कही।

🏢 लातूर में बन रहा था 8 एकड़ का स्कूल-कॉलेज साम्राज्य

आरोपी कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर पेपर लीक के पैसों से लातूर के खोपेगांव शिवार में 8 एकड़ जमीन पर एक बहुत बड़ा स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी में था। वहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण काम भी तेजी से चल रहा था। अब CBI इसके फंडिंग सोर्स, जमीन की खरीद-फरोख्त और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। इस सिलसिले में शिवराज की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की गई है।

🚨 छापेमारी के वक्त भी चल रही थी वसूली

खुलासे के वक्त भी यह गिरोह खरीदारों से पैसे वसूलने में लगा था। IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) से मिले इनपुट के बाद राजस्थान SOG ने जब सीकर में पेपर खरीदने वाले एक छात्र से पूछताछ की, ठीक उसी समय उसके फोन पर दलाल का पैसा मांगने के लिए कॉल आ रहा था।

⚖️ कोर्ट की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सबसे ज्यादा 6 आरोपी महाराष्ट्र से हैं।

आरोपी का नामवर्तमान स्थिति (Status)
मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे2 जून तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजे गए।
शुभम खैरनारCBI रिमांड 5 दिन और बढ़ाई गई।
मनीषा गुरुनाथ मांढरे और शिवराज मोटेगांवकरकोर्ट ने इनके हस्ताक्षर (Signature) के नमूने लेने की अनुमति दी है।

🗓️ 21 जून को होगी NEET की दोबारा परीक्षा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट के दोबारा पेपर की तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने सोशल मीडिया और फर्जी टेलीग्राम चैनलों पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

  • मुख्य तारीखें: 3 मई को देश-विदेश के केंद्रों पर परीक्षा हुई थी, जिसमें 23 लाख छात्र शामिल हुए थे।
  • री-एग्जाम: गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब 21 जून को नीट का री-एग्जाम (Re-Exam) आयोजित किया जाएगा।

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