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इंदौर (राऊ)। इंदौर के रंगवासा क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने और सामाजिक दबाव के बीच एक मासूम बच्ची के जीवन को दांव पर लगाने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बुजुर्ग दादा-दादी ने अपने 19 साल के पोते की शादी कराने की जिद में अपनी ही 13 साल की मासूम पोती का सौदा कर उसका विवाह 42 साल के अधेड़ से करा दिया।
इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश होने के बाद राऊ पुलिस ने बुधवार को दूल्हे, उसके परिजनों और बच्ची के दादा-दादी समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
🚨 ‘बहू’ लाने के लिए पोती का सौदा; हैरान करने वाली शर्त!
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि यह पूरा मामला एक अजीबोगरीब शर्त और पारिवारिक दबाव के कारण उपजा:
- दादी-दादा की जिद: रंगवासा निवासी बुजुर्ग दादा को अपने 19 वर्षीय पोते के लिए बहू लानी थी।
- लड़की पक्ष की शर्त: पोते की होने वाली पत्नी (यानी नाबालिग बच्ची की भाभी) ने एक शर्त रखी। उसने कहा कि वह इस घर में शादी तभी करेगी, जब उसकी ननद (13 वर्षीय बच्ची) की शादी उसके सगे चाचा (42 वर्षीय युवक) से कराई जाएगी।
- मासूम की बलि: पोते का घर बसाने की इस अंधी चाहत में दादा-दादी ने अपनी ही पोती की जिंदगी बर्बाद करने का फैसला कर लिया।
🌙 आधी रात को उज्जैन ले जाकर चोरी-छिपे कराया विवाह
महिला एवं बाल विकास विभाग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम को इसकी भनक पहले ही लग गई थी। 25 अप्रैल को होने वाले इस विवाह को लेकर टीम ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी थी, जिसके बाद परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया था कि वे शादी नहीं करेंगे। लेकिन यह सिर्फ एक दिखावा था:
- चोरी-छिपे निकाह/विवाह: अगले ही दिन, 26 अप्रैल की रात को लड़के वाले इंदौर आए और नाबालिग बच्ची व उसके 19 वर्षीय भाई को चुपचाप उज्जैन ले गए।
- मंदिर के बाहर रस्म: उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के बाहर दोनों को दूल्हा-दुल्हन के कपड़े पहनाए गए और रात के अंधेरे में मांग भरकर जबरन विवाह संपन्न करा दिया गया।
- बिना दुल्हन लौटे दूल्हे: शादी के तुरंत बाद ससुराल पक्ष दोनों बच्चों को वापस इंदौर के रंगवासा छोड़ गया और दोनों दूल्हे बिना दुल्हन के अपने गांव दयाखेड़ा (सांवेर) लौट गए।

🩸 विरोध करने पर दादी ने पीटा, मां की हिम्मत से खुला राज
फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी महेंद्र पाठक के अनुसार, शादी के बाद भी परिवार मासूम बच्ची पर ससुराल जाने के लिए लगातार दबाव बना रहा था:
“जब नाबालिग ने इसका कड़ा विरोध किया, तो उसकी सगी दादी ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। दादी की इस प्रताड़ना से तंग आकर बालिका की मां ने हिम्मत जुटाई और बाल कल्याण समिति व महिला बाल विकास विभाग को लिखित शिकायत दी। विभाग ने जब बच्ची के बयान दर्ज किए, तब इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।”
बता दें कि बालिका के पिता की मौत के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी, जिसके कारण बच्चे अपने दादा-दादी के पास ही रह रहे थे।
📄 उम्र छिपाने के लिए बनाई गई ‘फर्जी मार्कशीट’
जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पोते और पोती दोनों का बाल विवाह कानूनी रूप से सही दिखाने के लिए दोनों परिवारों ने मिलकर बच्चों के उम्र से जुड़े दस्तावेजों में भारी हेरफेर किया। इसके लिए कथित तौर पर एक फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) तैयार करवाई गई थी।
आगे क्या होगी कार्रवाई? अधिकारियों का कहना है कि फर्जी अंकसूची के मामले में शिक्षा विभाग अलग से जांच कर रहा है। जैसे ही इसकी अंतिम रिपोर्ट आएगी, शासकीय दस्तावेजों में कूट-रचना (जालसाजी और जालसाजी से दस्तावेज तैयार करने) की धाराओं के तहत भी आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।





