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नई दिल्ली / भोपाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी तनाव और ईरान जंग का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर दिखने लगा है। देश में ईंधन की कीमतों में आग लग गई है। पिछले दो हफ्तों के भीतर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दामों में चौथी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज मंगलवार, 26 मई को CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया है। यह नई दरें दिल्ली-NCR समेत देश के कई प्रमुख शहरों में लागू हो चुकी हैं।
सिर्फ CNG ही नहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है।
दिल्ली-NCR में CNG के नए रेट्स (प्रति किलोग्राम)
दामों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद आपके शहर में CNG के नए रेट्स कुछ इस तरह हैं:
- दिल्ली: पहले ₹81.09 | अब: ₹83.09
- नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा: अब: ₹91.70
- गुरुग्राम: अब: ₹88.12

पेट्रोल-डीजल भी हुआ महंगा: दिल्ली में ₹102 के पार
महीने में चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा उछाल आया है। इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में ईंधन की कीमतें इस प्रकार हैं:
- पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर
- डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? $100 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आया उतार-चढ़ाव है।
क्रूड ऑयल का गणित: ईरान और अमेरिका के बीच जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी। लेकिन युद्ध के हालातों के चलते अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारतीय तेल कंपनियां भारी दबाव में थीं। अपने घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक यही तेजी बनी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और CNG और भी महंगे हो सकते हैं।

तेल कंपनियों को हर दिन 600 करोड़ का नुकसान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि 15 मई से पहले सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। कीमतों में बदलाव के बाद अब यह घाटा घटकर करीब 600 करोड़ रुपए प्रति दिन रह गया है, जो कि अब भी एक बड़ी रकम है।
आम जनता पर क्या होगा असर? सब कुछ होगा महंगा
ईंधन के दाम बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि हर आम नागरिक की थाली पर पड़ेगा:
- बढ़ेगा मालभाड़ा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन के सामान महंगे हो जाएंगे।
- खेती की लागत में इजाफा: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को डीजल पर ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज उत्पादन की लागत बढ़ेगी।
- सफर होगा महंगा: सार्वजनिक परिवहन (बस, ऑटो, कैब) और स्कूल बसों के किराए में भी जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मांग में रिकॉर्ड तेजी: 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री
भले ही सीएनजी के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल के मुकाबले यह अब भी किफायती है। अकेले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले तीन सालों में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री में 50% तक का उछाल आया है। शोरूम से हर रोज औसतन 10 से 15 सीएनजी गाड़ियां बिक रही हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि पेट्रोल-डीजल की तुलना में सीएनजी गाड़ियों का माइलेज (एवरेज) काफी ज्यादा होता है और इसके रेट भी पेट्रोल से कम हैं।





