drnewsindia.com / नई दिल्ली / भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंधों के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। दोनों देशों के बीच छह महीने पहले हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) आज (1 जून) से पूरी तरह लागू हो गया है। नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “CEPA केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत और अटूट विश्वास का प्रमाण है।”
गोयल ने भरोसा जताया कि यह व्यापक समझौता भारत और ओमान के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार देगा।
💰 ‘डे-1’ से बड़ा फायदा: 98% टैरिफ लाइनों पर शून्य ड्यूटी
इस समझौते के लागू होते ही भारतीय निर्यातकों और उद्योगों को ओमान के बाजार में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फायदा मिलने जा रहा है:
- ड्यूटी फ्री एक्सेस: भारत को पहले ही दिन से ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर सीमा शुल्क मुक्त (Duty-Free) पहुंच मिल जाएगी। यह ओमान को होने वाले भारत के कुल निर्यात के 99% हिस्से को कवर करता है।
- प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त: ओमान के बाजार में अन्य देशों के मुकाबले भारतीय निर्यातकों को तरजीही (Preferential) पहुंच मिलेगी।
- इन सेक्टर्स को मिलेगा बूस्ट: भारत के कपड़ा (Textiles), स्पोर्ट्सवियर, कृषि उत्पाद (Agri Products), फार्मा और मेडिकल डिवाइस, लेदर, ऑटोमोबाइल और समुद्री उत्पादों (Marine Products) से जुड़े MSMEs और निर्यातकों के लिए ओमान में व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।
ऐतिहासिक शुरुआत: समझौते के लागू होने के पहले ही दिन मुंबई, कोलकाता और चेन्नई बंदरगाहों से ओमान के लिए कई कमर्शियल कंसाइनमेंट (सामानों की खेप) रवाना किए गए हैं।

🌐 खाड़ी देशों और पूर्वी अफ्रीका का खुलेगा रास्ता
केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि ओमान अपनी अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स और बेहतरीन पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण बेहद महत्वपूर्ण है। यह समझौता भारत के लिए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों में प्रवेश करने के लिए एक ‘रणनीतिक प्रवेश द्वार’ (Strategic Gateway) साबित होगा।
💊 भारतीय दवाओं और श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक ‘ब्रेकथ्रू’
इस समझौते के तहत भारत ने दो बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:
- फार्मा सेक्टर में बड़ी राहत: अमेरिकी FDA, यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी या यूके MHRA द्वारा अनुमोदित भारतीय जेनेरिक दवाओं को अब ओमान में 90 दिनों के भीतर मार्केट ऑथराइजेशन (बिक्री की अनुमति) मिल जाएगी।
- श्रमिकों की सुरक्षा: समझौते में गैर-सेवा क्षेत्रों (Non-Service Sectors) में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बाध्यकारी प्रतिबद्धता (Binding Commitment) सुनिश्चित की गई है।

📈 वैश्विक व्यापार में भारत की तेज रफ्तार
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-ओमान समझौता पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत द्वारा फाइनल किए गए 9 मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का हिस्सा है, जो दुनिया के 38 देशों को कवर करते हैं। इसके अलावा भारत वर्तमान में कई अन्य प्रमुख देशों के साथ भी व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।
| वर्तमान स्थिति | देश/क्षेत्र |
| आज से लागू हुआ | ओमान (CEPA) |
| वार्ता जारी है (Negotiations) | इजरायल, चिली और कनाडा |
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इस पर विचार रखते हुए कहा कि यह समझौता अधिक लचीली वैल्यू चेन, मजबूत आर्थिक प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय व वैश्विक प्रासंगिकता के साथ एक गहरी रणनीतिक साझेदारी का ढांचा तैयार करता है।
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