सीहोर: क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा प्रशासन? मात्र 50 मीटर की सड़क महीनों से बदहाल

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drnewsindia.com / 05 जून, सीहोर। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच सीहोर शहर के दिल में प्रशासनिक लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के मनकामेश्वर मंदिर से बाल विहार ग्राउंड तक का मात्र ५० मीटर का टुकड़ा इन दिनों आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। नगर पालिका और पीएचई (PHE) विभाग द्वारा पाइपलाइन के नाम पर इस सड़क को बार-बार खोदा गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद इसे इसके हाल पर ही छोड़ दिया गया।

‘कलेक्टर निवास’ के पास ही अंधेर नगरी!

हैरानी और सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि यह बदहाल सड़क कलेक्टर निवास के बिल्कुल बगल में और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के ठीक सामने स्थित है।

  • रोज की मुसीबत: वीवीआईपी (VVIP) इलाका होने के बावजूद महीनों से यहां गहरे गड्ढे, कीचड़, उड़ती धूल और मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं।
  • फंस रहे वाहन: बीच सड़क पर हुए इन गड्ढों में आए दिन गाड़ियां फंस रही हैं। हाल ही में यहां एक किसान की ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई, जिसके बाद घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा और राहगीर परेशान होते रहे।

देश में हो चुके हैं बड़े हादसे, फिर भी सबक नहीं!

यह लापरवाही इसलिए भी डरावनी है क्योंकि देश में ऐसे खुले और असुरक्षित गड्ढों के कारण हाल ही में कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं:

याद रखिए ये दर्दनाक घटनाएं:

  • नोएडा: निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे की वजह से एक होनहार युवा इंजीनियर को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
  • दिल्ली: असुरक्षित छोड़ दिए गए गड्ढे में गिरने से एक मासूम युवक की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

इन राष्ट्रीय घटनाओं के बाद भी सीहोर का स्थानीय प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।

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