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सीहोर: अधिकमास के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय के समीप स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वरधाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को धाम पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति द्वारा यहां आने वाले भक्तों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
गर्मी को देखते हुए ठंडाई और महाप्रसाद का वितरण
विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला और अन्य सेवादारों द्वारा धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- महाप्रसाद: भक्तों को नियमित रूप से नुक्ती, नमकीन और भोजन प्रसादी का वितरण किया जा रहा है।
- ठंडाई व्यवस्था: भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए विशेष रूप से ठंडाई पिलाई जा रही है।
- रुद्राक्ष वितरण: समिति की ओर से कुबेरेश्वरधाम आने वाले श्रद्धालुओं को नियमित रूप से पवित्र रुद्राक्ष का वितरण भी किया जा रहा है।

मुरली मनोहर मंदिर में हुआ फूलों से विशेष श्रृंगार
समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देश पर धाम परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर में भगवान का फूलों से अलौकिक व विशेष श्रृंगार किया गया। यहां पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने बाबा का ‘एक लोटा जल’ से विशेष अभिषेक कर आशीर्वाद लिया।
मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान श्रीराम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा जी की अत्यंत आकर्षक प्रतिमाएं विराजमान हैं, जिनका अधिकमास के दौरान प्रतिदिन मनोहारी श्रृंगार किया जा रहा है।

अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का धार्मिक महत्व
श्री दीक्षित ने अधिकमास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मास को भगवान विष्णु ने अपना नाम दिया है, इसलिए इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहा जाता है।
- इस महीने में भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
- पूजा-पाठ के साथ-साथ तीर्थ दर्शन, नदी स्नान, धार्मिक ग्रंथों का पाठ, प्रवचन सुनना, मंत्र जप, ध्यान और दान-पुण्य करना बेहद फलदायी माना जाता है।
धाम पर धूमधाम से मनाया जाएगा पंडित प्रदीप मिश्रा जी का जन्मोत्सव
कुबेरेश्वरधाम पर आगामी दिनों में परम पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी का जन्मोत्सव बड़ी ही आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर:
- सुबह की भव्य आरती के बाद निरंतर विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
- शाम के समय सुप्रसिद्ध भजनों से सजी ‘भजन संध्या’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश भर से श्रद्धालु शामिल होंगे।
– मुख्य संवाददाता, drnewsindia.com





