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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ एक अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। इस अवधि में सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की हैं।
आकाशवाणी समाचार की इस विशेष रिपोर्ट में आज हम जानेंगे कि कैसे पिछले 12 सालों में सरकार के प्रयासों से देश का हेल्थ सेक्टर (Health Sector) मजबूत, किफायती और हर नागरिक की पहुंच में आया है।
💳 आयुष्मान भारत: दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना
साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम ‘आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।
- 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड अब तक बनाए जा चुके हैं।
- 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज मरीजों को दिया जा चुका है।
- 70+ बुजुर्गों के लिए बड़ी सौगात: अक्टूबर 2024 में इस योजना का विस्तार करते हुए ‘आयुष्मान भारत वय वंदना’ की शुरुआत की गई, जिसके तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जा रहा है।
“इस कार्ड की मदद से अब मैं प्राइवेट अस्पतालों में भी बिना किसी चिंता के अपना इलाज करा पा रहा हूँ।”
— रोहित सिंह, दिल्ली (आकाशवाणी समाचार से बातचीत में)

🩺 गली-मोहल्लों तक पहुंचा इलाज: आयुष्मान आरोग्य मंदिर और जन औषधि केंद्र
- 1 लाख 86 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर: देश के कोने-कोने में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए इनकी स्थापना की गई है। यहाँ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, मुफ्त जांच और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- सस्ती दवाइयों का सहारा (जन औषधि परियोजना): बाजार से बेहद कम और किफायती दामों पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
“जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाइयां बाजार के मुकाबले बहुत ही कम कीमत पर मिल जाती हैं, जिससे हम जैसे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।”
— दिलीप कुमार, बिहार (आशकावाणी समाचार से बातचीत में)

🎓 मेडिकल शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक उछाल
देश में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है:
| स्वास्थ्य मानक | वर्ष 2014 | वर्ष 2026 तक की स्थिति |
| AIIMS (एम्स अस्पताल) | 08 | 23 |
| मेडिकल कॉलेज | 387 | 818 |
| AYUSH संस्थान | – | 942 (साल 2025 तक स्थापित) |
आयुष (AYUSH) को बढ़ावा: पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को मुख्यधारा में लाने के लिए नवंबर 2014 में अलग से ‘आयुष मंत्रालय’ का गठन किया गया, जिसके तहत अब तक 942 आयुष संस्थान खोले जा चुके हैं।





