drnewsindia.com
नई दिल्ली | 10 जून 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले ‘चुने हुए’ प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर आज दुनिया भर से बधाई संदेशों का तांता लग गया है। विश्व के शीर्ष नेताओं ने पीएम मोदी के परिवर्तनकारी शासन, विकासशील देशों के लिए उनके प्रयासों और एक मजबूत व गतिशील भारत के उनके दृष्टिकोण की जमकर सराहना की है।
आइए देखते हैं किस वैश्विक नेता ने इस बड़ी उपलब्धि पर क्या कहा:
🇱🇰 श्रीलंका: “यह जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है”
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका ने प्रधानमंत्री मोदी को एक विशेष पत्र भेजकर बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा:
“यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने आपके (पीएम मोदी के) नेतृत्व पर बार-बार और लगातार अपना अटूट भरोसा जताया है।”

🇵🇬 पापुआ न्यू गिनी: “पीएम मोदी नेतृत्व की एक मिसाल हैं”
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधे।
- रोल मॉडल: उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना आदर्श और दुनिया के लिए नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
- मजबूत रिश्ते: जेम्स मारापे ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को भविष्य में और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने की इच्छा व्यक्त की।

🇹🇹 त्रिनिदाद और टोबैगो: “वैश्विक मंच पर गूंज रही है भारत की आवाज़”
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्सद-बिसेसर ने पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत के बढ़ते वैश्विक कद की सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में मुख्य रूप से तीन बातें रेखांकित कीं:
- वैश्विक आवाज़: पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत अंतरराष्ट्रीय मामलों और वैश्विक मंचों पर एक बेहद प्रखर और प्रभावशाली आवाज़ बनकर उभरा है।
- साधारण शुरुआत से शिखर तक: उन्होंने पीएम मोदी के एक बेहद साधारण सामाजिक-आर्थिक बैकग्राउंड से निकलकर 1.4 अरब (140 करोड़) आबादी वाले विशाल राष्ट्र का नेतृत्व करने तक के सफर की विशेष रूप से चर्चा की।
- अभूतपूर्व उपलब्धियां: उन्होंने विदेश नीति, तेज आर्थिक विकास और जमीनी स्तर पर हुए सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए भारत की सराहना की।
📊 क्विक समरी: विश्व नेताओं ने किन बातों को सराहा?
- ट्रांसफॉर्मेशनल गवर्नेंस: देश के भीतर शासन व्यवस्था में आए बड़े और सकारात्मक बदलाव।
- ग्लोबल साउथ की आवाज़: विकासशील और गरीब देशों के अधिकारों के लिए वैश्विक मंच पर भारत का खड़ा होना।
- आर्थिक गतिशीलता: भारत का दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बनना।





