ओटावा/इंटरनेशनल डेस्क (drnewsindia.com)। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल सुरक्षा को लेकर कनाडा सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। कनाडा की सरकार ने संसद में एक नया विधेयक (Bill) पेश किया है, जिसके कानून बनते ही 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट खोलने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इस नए कानून के दायरे में आने के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसी दिग्गज सोशल मीडिया कंपनियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
🛡️ ‘सुरक्षित साबित करो, तभी एंट्री मिलेगी’ – कंपनियों पर कसेगा शिकंजा
प्रस्तावित कानून के अनुसार, अब जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होगी। कंपनियों को सरकार और जनता के सामने यह साबित करना होगा कि उनका प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहती हैं, तो उन्हें देश में काम करने की छूट नहीं मिलेगी।
⚠️ इन हानिकारक सामग्रियों पर लगेगी पूरी रोक
विधेयक में बच्चों को प्रभावित करने वाले कई गंभीर मुद्दों पर कड़े प्रावधान किए गए हैं:
- आत्म-हानि (Self-harm): खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वाले कंटेंट पर पूरी रोक।
- हिंसा और नफरत: समाज में हिंसा या घृणा फैलाने वाली पोस्ट को तुरंत हटाना होगा।
- निजता का उल्लंघन: बिना सहमति के किसी की भी निजी तस्वीरें या वीडियो शेयर करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
📌 डिजिटल सुरक्षा आयोग का गठन: इस पूरे कानून की निगरानी करने और सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाम कसने के लिए कनाडा में एक ‘डिजिटल सुरक्षा आयोग’ (Digital Safety Commission) की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है।

🌏 ग्लोबल ट्रेंड: इन देशों में पहले से हैं तैयारी
सोशल मीडिया की लत और इसके खतरों से बच्चों को बचाने के लिए दुनिया के कई बड़े देश अब सख्त कानून बना रहे हैं। कनाडा से पहले ये देश भी इस दिशा में कदम उठा चुके हैं:
- ऑस्ट्रेलिया 🇦🇺
- ब्राज़ील 🇧🇷
- इंडोनेशिया 🇮🇩
अब इस सूची में कनाडा 🇨🇦 का नाम भी जुड़ने जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया के उपयोग पर आयु-आधारित (Age-based) प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
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