₹645 करोड़ का बैंक घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, हरियाणा के पूर्व सुपरिटेंडेंट नरेश कुमार गिरफ्तार

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drnewindia.com

चंडीगढ़ / नई दिल्ली: हरियाणा और चंडीगढ़ में सरकारी फंड में हेराफेरी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी कामयाबी मिली है। ED ने आईडीएफसी (IDFC) बैंक धोखाधड़ी मामले में चल रही जांच के तहत हरियाणा के विकास एवं पंचायत निदेशक कार्यालय के तत्कालीन अधीक्षक (Superintendent) नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

PMLA कानून के तहत हुई गिरफ्तारी

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेश कुमार को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के कड़े प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम ने आरोपी को विशेष पीएमएलए अदालत (PMLA Court) के सामने पेश किया, जहाँ से अदालत ने उसे आगामी रविवार तक 4 दिनों की ED कस्टडी में भेज दिया है।

कैसे हुआ ₹645 करोड़ का महाघोटाला?

ED की अब तक की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच के मुताबिक, जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने के ₹645 करोड़ का गबन (Embezzlement) किया गया है। यह पूरी हेराफेरी IDFC फर्स्ट बैंक में मौजूद निम्नलिखित खातों से की गई थी:

  1. हरियाणा सरकार (Haryana Government) के बैंक खाते।
  2. चंडीगढ़ प्रशासन (Chandigarh Administration) के बैंक खाते।
  3. दो निजी स्कूल (Private Schools) के बैंक खाते।

इन सभी खातों से करोड़ों रुपये का सरकारी फंड अवैध तरीके से निकाला गया और व्यक्तिगत फायदे के लिए उसका इस्तेमाल किया गया।

आगे क्या? जांच जारी है

अदालत से 4 दिनों की रिमांड मिलने के बाद अब ED की टीम नरेश कुमार से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ में कई बड़े चेहरों और बैंक अधिकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है और गबन की गई इतनी बड़ी रकम को कहाँ-कहाँ ट्रांसफर या निवेश किया गया है। मामले की आगे की जांच तेजी से जारी है।

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