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एवियां-लेस-बेंस (फ्रांस): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रुप ऑफ सेवन (G-7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंच चुके हैं। ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के ठीक बाद हो रहे इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसमें भारत के लिहाज से सबसे बड़ी खबर यह है कि आगामी बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और विशेष मुलाकात होने जा रही है।
जी-7 समिट में छाएगा अमेरिका-ईरान शांति समझौता
कल ही अमेरिका और ईरान के बीच हुए ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ के एलान के बाद यह वैश्विक मंच पर डोनाल्ड ट्रंप की पहली बड़ी उपस्थिति है:
- दुनिया जानना चाहती है सच: इस समझौते के तहत दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और पिछले 4 महीने से जारी युद्ध को रोकने का वादा किया गया है।
- नेताओं में उत्सुकता: चूंकि इस समझौते के कई मुख्य और बारीक विवरण अभी तक गुप्त रखे गए हैं, इसलिए जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे दुनिया के बाकी शक्तिशाली देशों के नेता इस समझौते को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से चर्चा कर सकते हैं।

पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात पर टिकी निगाहें
बुधवार को होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति की इस बैठक को रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है।
- किन मुद्दों पर हो सकती है बात: इस महामुलाकात में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध, रक्षा समझौते, पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा हालात और वैश्विक शांति जैसे कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने की पूरी संभावना है।
- ग्लोबल मार्केट को राहत: ईरान के साथ तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार (Energy Market) और भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों ने बड़ी राहत की सांस ली है, ऐसे में इस मुलाकात के मायने और बढ़ जाते हैं।
तीन दिन फ्रांस में रहेंगे ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियां-लेस-बेंस में तीन दिन बिताएंगे, जहां वे वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े कई अहम सत्रों में हिस्सा लेंगे।
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