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नई दिल्ली। स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम (Syllabus) और पाठ्यपुस्तकों में हाल ही में हुए कुछ बदलावों को लेकर उपजे देशव्यापी विवाद के बाद, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण यू-टर्न लिया है। चौतरफा आलोचनाओं और विशेषज्ञों के विरोध को देखते हुए NCERT ने इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) से जुड़ी विश्व प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ (नर्तकी की कांस्य मूर्ति) की मूल तस्वीर को दोबारा बहाल (Restore) करने का निर्णय लिया है।
अब छात्र एक बार फिर अपनी किताबों में इस ऐतिहासिक धरोहर के मूल स्वरूप को देख और पढ़ सकेंगे।
🔍 क्या था पूरा विवाद?
हाल ही में छठी कक्षा की इतिहास की नई पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता के अध्याय से ‘डांसिंग गर्ल’ की मूल तस्वीर को हटा दिया गया था। इसकी जगह एक काल्पनिक या अलग संदर्भ वाली छवि को शामिल किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इस बदलाव के बाद इतिहासकारों, शिक्षाविदों और सोशल मीडिया पर आम जनता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। आलोचकों का कहना था कि देश के गौरवशाली इतिहास और पुरातात्विक साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

🏺 क्यों इतनी खास है ‘डांसिंग गर्ल’?
- ऐतिहासिक महत्व: लगभग 4500 वर्ष पुरानी यह कांस्य मूर्ति (Bronze Statue) सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण अवशेषों में से एक है, जिसे 1926 में मोहनजोदड़ो से खोजा गया था।
- धातुकर्म का बेजोड़ नमूना: यह मूर्ति दर्शाती है कि उस प्राचीन काल में भी भारतीय उपमहाद्वीप के लोग ‘लॉस्ट वैक्स कास्टिंग’ (Lost Wax Casting) जैसी उन्नत धातुकर्म तकनीक से भली-भांति परिचित थे।
- वैश्विक पहचान: वर्तमान में यह अनमोल धरोहर नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum) में सुरक्षित रखी गई है और इसे वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन कला का प्रतीक माना जाता है।
“इतिहास की किताबों में साक्ष्यों की प्रामाणिकता सबसे महत्वपूर्ण है। चौतरफा सुझावों और समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि छात्रों को इतिहास के मूल और वास्तविक पुरातात्विक साक्ष्यों से ही परिचित कराया जाए, ताकि वे देश के विकास और विरासत को सही ढंग से समझ सकें।”
— NCERT आधिकारिक सूत्र

📌 मुख्य बिंदु: एक नजर में (Quick Takeaways)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| संस्थान का नाम | NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) |
| क्या बदलाव हुआ? | इतिहास की किताबों में ‘डांसिंग गर्ल’ की मूल तस्वीर दोबारा शामिल होगी। |
| मूर्ति का इतिहास | लगभग 4500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति, मोहनजोदड़ो (1926) से प्राप्त। |
| फैसले का कारण | शिक्षाविदों की आलोचना और ऐतिहासिक प्रामाणिकता बनाए रखने का दबाव। |




