MP IAS Service Verification: मध्य प्रदेश में IAS अफसरों के 3 साल के ‘हिसाब-किताब’ की तैयारी, GAD ने जारी किया फरमान

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भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार अब अपने आईएएस (IAS) अधिकारियों के सेवा इतिहास, वेतन और छुट्टियों का पूरा लेखा-जोखा दुरुस्त करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सूबे के सभी विभागों और विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है। इसके तहत पिछले 3 साल का पूरा सर्विस रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

जहां एक ओर प्रदेश के आम कर्मचारियों को अपनी पेंशन, एरियर और भत्तों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं प्रशासनिक अमले (IAS) के मामलों में सरकार कोई ढील नहीं बरतना चाहती।

📅 30 जून 2026 तक देना होगा पूरा ब्यौरा

शासन द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों को 30 जून 2026 तक हर हाल में निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी भेजने के लिए कहा गया है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति (Retirement) के समय पेंशन और अन्य वित्तीय स्वत्वों के भुगतान में होने वाली देरी को रोकना है।

शासन का तर्क: सेवा अभिलेखों (Service Records) का संकलन पहले से होने से भविष्य में इन अधिकारियों के रिटायरमेंट क्लेम, पेंशन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कोई रुकावट या वित्तीय देरी नहीं होगी।

📊 क्या-क्या जानकारी मांगी गई है? (Master Format)

सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों से वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (कुल 3 वर्ष) का डिटेल सेवा सत्यापन विवरण मांगा है। इसके लिए एक विशेष फॉर्मेट जारी किया गया है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • पदस्थापना और ट्रांसफर: अधिकारी किस जिले या विभाग में कब से कब तक पदस्थ रहे।
  • माहवार वेतन और भत्ते: इस अवधि के दौरान उन्हें हर महीने कितना वेतन और कौन-से भत्ते मिले।
  • कटौतियों का विवरण: वेतन से हर महीने कितनी राशि (GPF, GIS, Tax आदि) काटी गई।
  • अवकाश का रिकॉर्ड: सेवा काल (इन 3 वर्षों) के दौरान अधिकारी ने कुल कितने और कौन-से अवकाश (Leaves) लिए।

🔍 एक नज़र में पूरी खबर

मुख्य बिंदुविवरण
जारीकर्ता विभागसामान्य प्रशासन विभाग (GAD), मध्य प्रदेश शासन
लक्षित अधिकारीप्रदेश के समस्त IAS अफसर
सत्यापन की अवधिवर्ष 2023 से वर्ष 2026 तक (3 साल)
अंतिम तिथि30 जून 2026
उद्देश्यसेवानिवृत्ति के समय पेंशन मामलों का त्वरित निराकरण

💡 आम कर्मचारी बनाम खास अफसर?

इस आदेश के बाद गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि प्रदेश के सामान्य कर्मचारियों की पेंशन, वेतन विसंगति और भत्तों के निराकरण में सरकार भले ही समय पर कड़े कदम न उठा पाती हो और कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हों, लेकिन आईएएस लॉबी के लिए व्यवस्था को एडवांस में ही पूरी तरह हाईटेक और अपडेटेड रखा जा रहा है।

बहरहाल, जीएडी ने साफ कर दिया है कि समय-सीमा के भीतर यह जानकारी उपलब्ध कराना सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों के लिए अनिवार्य है।

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