अमरनाथ यात्रा 2026: ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए 75 डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को दी गई ट्रेनिंग, जानें रूट और जरूरी नियम

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drnewsindia.com

जम्मू। श्री अमरनाथजी यात्रा को सुचारू और परेशानी मुक्त बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। तीर्थयात्रियों के ऑन-स्पॉट (मौके पर) पंजीकरण को आसान बनाने के लिए शनिवार को जिला मुख्यालय जम्मू में 75 डेटा एंट्री ऑपरेटर्स के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह ट्रेनिंग जिला सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) जम्मू द्वारा दी गई, ताकि ऑपरेटर्स ऑन-स्पॉट पंजीकरण और ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझ सकें।

ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और eKYC के लिए निर्धारित केंद्र

प्रशासन ने आम तीर्थयात्रियों और साधुओं के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए हैं, जो इस प्रकार हैं:

1. आम तीर्थयात्रियों (Yatris) के लिए केंद्र:

  • महाजन हॉल, शालामार (Jammu)
  • तवी रिवरफ्रंट, जम्मू

2. साधुओं (Sadhus) के लिए विशेष केंद्र:

  • गीता भवन, परेड (Jammu)
  • श्री राम मंदिर, पुरानी मंडी, जम्मू

3. eKYC कन्वर्जन केंद्र (Non-eKYC से eKYC के लिए):

  • जम्मू रेलवे स्टेशन
  • यात्री निवास, भगवती नगर (Jammu)

नोट: पहलगाम (Pahalgam) और बालटाल (Baltal) दोनों मार्गों से यात्रा करने वाले श्रद्धालु इन नामित केंद्रों पर जाकर पंजीकरण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने स्पष्ट टाइमलाइन जारी की है:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: 15 अप्रैल 2026 से पहले ही शुरू हो चुका है।
  • टोकन वितरण (Token Distribution): ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए टोकन बांटने का काम 30 जून से शुरू होगा।
  • ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और eKYC कन्वर्जन: यह प्रक्रिया 1 जुलाई से आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी।

RFID कार्ड है बेहद जरूरी

सफल ऑन-स्पॉट पंजीकरण के बाद सभी तीर्थयात्रियों को RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि अमरनाथ यात्रा शुरू करने के लिए यह RFID कार्ड पूरी तरह अनिवार्य (Mandatory) है। इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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