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नई दिल्ली (21 जून 2026): देश भर में आज NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण लेकिन बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हो गई। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई इस परीक्षा में आज देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए 5,440 केंद्रों पर 22.79 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए।
दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली इस परीक्षा में सुरक्षा और नियमों का ऐसा सख्त पहरा दिखा, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। नियमों को लेकर प्रशासन इस कदर सख्त था कि कुछ सेंटर्स पर छात्रों के धागे, मेटल के बटन और यहाँ तक कि फुल बाजू की शर्ट तक काट दी गई।
सख्ती का आलम: सेकेंड्स की देरी पड़ी भारी, कटी शर्ट की बाजू
देशभर के परीक्षा केंद्रों से नियमों के पालन और सख्ती की कई अनोखी तस्वीरें और खबरें सामने आईं:
- शर्ट की बाजू काटी, चश्मा उतरवाया: कोटा के मोदी कॉलेज सेंटर पर फुल बाजू की टी-शर्ट पहनकर आए एक छात्र की बाजू पुलिसकर्मियों ने कैंची से काट दी। वहीं एक अन्य छात्र का चश्मा उतरवाकर उसकी गहन चेकिंग की गई।
- नाक पर चिपकाया टेप: उदयपुर के एक सरकारी स्कूल में जब छात्रा की नोज पिन (Nose Pin) नहीं निकल सकी, तो सुरक्षा के लिहाज से उसकी नाक पर टेप चिपकाकर उसे अंदर भेजा गया।
- धागे और बटन काटे गए: भीलवाड़ा में कैंडिडेट्स की टी-शर्ट पर लगे मेटल के बटन और हाथों में बंधे धार्मिक धागे तक काट दिए गए।
- 30 सेकेंड की देरी और परीक्षा छूटी: मध्य प्रदेश, मुंबई और बेंगलुरु में कई छात्र महज कुछ सेकेंड्स और मिनटों की देरी से पहुंचे, जिसके कारण उन्हें एंट्री नहीं मिली। बेंगलुरु में कुछ छात्राओं ने रेलिंग कूदकर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन गेट बंद हो चुका था।

एयरफोर्स ने संभाली कमान: 2 लाख जवान और 1.38 लाख CCTV कैमरों से निगरानी
इस बार पेपर लीक की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इतिहास में पहली बार पेपर सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (Air Force) की मदद ली गई। वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने 200 से अधिक उड़ानें भरकर देश के अलग-अलग कोनों तक प्रश्न पत्र पहुंचाए।
सुरक्षा के बड़े आंकड़े:
- सुरक्षाकर्मी: 2 लाख से ज्यादा जवान तैनात रहे।
- CCTV कैमरे: 95 हजार से ज्यादा सेंटर्स पर कुल 1,38,560 कैमरों से लाइव निगरानी हुई।
- कंट्रोल रूम: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद ओखला स्थित NTA ऑफिस के कमांड और कंट्रोल सेंटर से मोर्चा संभाला।
- जैमर: इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए थे।
मानवीय चेहरा: 9 पसलियां टूटने के बाद भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर दी परीक्षा
परीक्षा के बीच बंगाल से एक बेहद भावुक करने वाली और प्रेरणादायक कहानी सामने आई। हादसे में 9 पसलियां टूटने और सर्जरी के बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रही छात्रा सृष्टि दुबे परीक्षा देने पर अड़ गई। उसके माता-पिता ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तक मदद की गुहार पहुंचाई।
शिक्षा मंत्री के निर्देश पर मानवीय आधार पर परीक्षा केंद्र के ग्राउंड फ्लोर पर सृष्टि के लिए अलग रूम, मेडिकल सपोर्ट और एम्बुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई, जिसके बाद उसने अस्पताल के कपड़ों में ही परीक्षा दी।

कैसा रहा पेपर? स्टूडेंट्स का रिएक्शन
शाम को परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों के मिले-जुले रिएक्शंस सामने आए:
- तरुण (चेन्नई): “पिछली बार के मुकाबले इस बार परीक्षा थोड़ी मुश्किल थी। मेरा पेपर अच्छा रहा, अब देखते हैं क्या होता है।”
- कैंडिडेट (दिल्ली/नोएडा): “फिजिक्स का पेपर काफी लंबा और कठिन था, जबकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री का लेवल ठीक था। पिछली बार का एग्जाम काफी ईजी था, इसलिए इस बार कट-ऑफ कम रहने की उम्मीद है।”
परीक्षा के बाद NTA ने कहा- ‘वेलडन टीम भारत’
परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘टीम इंडिया’ को धन्यवाद दिया। NTA ने लिखा कि यह सिर्फ एक एजेंसी का काम नहीं था, बल्कि शिक्षा मंत्रालय, वायुसेना, डाक विभाग, बैंकों और राज्य सरकारों की सामूहिक कोशिश थी, जिसके कारण मात्र 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में इस महा-परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जा सका। NTA ने विशेष रूप से दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे उन छात्रों के जज्बे को सलाम किया जिन्होंने परीक्षा में हिस्सा लिया।

दो दुखद घटनाएं: परीक्षा के तनाव में दो छात्राओं ने गंवाई जान
री-एग्जाम के भारी दबाव के बीच दो बेहद दुखद घटनाएं भी सामने आईं। हैदराबाद में री-एग्जाम के मानसिक तनाव के चलते 19 साल की एक NEET छात्रा ने अपने अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, हरियाणा के हिसार में भी दो बार नीट दे चुकी 19 वर्षीय सिमरन नाम की छात्रा ने परीक्षा से ठीक पहले कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी जान चली गई।




