सर्जरी में फेल, ठगी में माहिर: डेटिंग ऐप पर ‘हसीना’ बन लोगों को ठगने वाला MBBS डॉक्टर नोएडा में गिरफ्तार, बंगलूरू के इंजीनियर से की थी धोखाधड़ी

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नोएडा/ग्रेटर नोएडा। नोएडा पुलिस के साइबर क्राइम थाना (सेक्टर-36) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल ठग को गिरफ्तार किया है जो पेशे से तो डॉक्टर (MBBS, MD) है, लेकिन सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर लड़की बनकर लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 37 वर्षीय रामाकृष्ण पेदगावेगी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और अपनी गलत सर्जरी के केस से बचने के लिए ग्रेटर नोएडा में छिपकर रह रहा था।

🔎 एक नज़र में समझें पूरा मामला (Quick Overview)

  • आरोपी: रामाकृष्ण पेदगावेगी (उम्र 37 वर्ष), डिग्री- MBBS और MD।
  • जुर्म: सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर महिला बनकर निवेश के नाम पर साइबर ठगी।
  • लोकेशन: आंध्र प्रदेश से फरार होकर ग्रेटर नोएडा (ग्रेनो) के चाई-फाई सेक्टर में किराए पर रह रहा था।
  • किसने पकड़ा: डीसीपी साइबर शैव्या गोयल और साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा की टीम ने।

🎭 महिलाओं की आवाज़ में देता था झांसा, ऐसे फंसाता था शिकार

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, रामाकृष्ण का ठगी करने का तरीका बेहद शातिराना था:

  • फर्जी प्रोफाइल: आरोपी सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर खूबसूरत महिलाओं के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाता था।
  • अंग्रेजी में संवाद और लेडीज वॉइस: आरोपी मुख्य रूप से उच्च आय वर्ग (High-Income Group) के लोगों को निशाना बनाता था। वह अंग्रेजी में चैट करता था और फोन पर बात करने के लिए लड़की की आवाज निकालता था ताकि किसी को शक न हो।
  • फर्जी वित्तीय सलाहकार: खुद को एक नामी कंपनी का ‘फाइनेंशियल एडवाइजर’ बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और उन्हें एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने का लालच देता था।

💉 आंध्र प्रदेश में गलत सर्जरी कर हुआ था फरार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रामाकृष्ण पहले आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करता था। वहां इलाज के दौरान उससे एक गलत सर्जरी हो गई थी, जिसके बाद मरीज की शिकायत पर उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। आंध्र प्रदेश पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वह वहां से भाग निकला और दिल्ली-एनसीआर के ग्रेटर नोएडा में आकर छिप गया।

🚨 एक चूक और बंगलूरू के इंजीनियर की शिकायत पर दबोचा गया

साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि आरोपी ने हाल ही में बंगलूरू के रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपना शिकार बनाया था और उससे मोटी रकम ठगी थी।

  • म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल: इंजीनियर की शिकायत पर जब जांच शुरू हुई तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले।
  • इंटरनेट बैंकिंग से खुला राज: आरोपी पीड़ितों का पैसा जिस बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) में ट्रांसफर करवाता था, उसकी इंटरनेट बैंकिंग के लिए डॉक्टर रामाकृष्ण का खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड था। इसी एक चूक और मोबाइल लोकेशन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे ग्रेटर नोएडा से दबोच लिया।

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