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सीहोर डेस्क: सीहोर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह अतिक्रमण हटाने निकली टीम के नेतृत्वकर्ता और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) सुधीर कुमार का एक हाई-प्रोफाइल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सीएमओ एक जूते-चप्पल की दुकान के बाहर सड़क तक फैले अवैध अतिक्रमण को देखकर सख्त नाराजगी जताते और ऑन-द-स्पॉट एक्शन लेते नजर आ रहे हैं।
सीएमओ के इस कड़े रुख को देखकर दुकानदार ने बिना वक्त गंवाए तुरंत सड़क पर फैला अपना सामान समेटना शुरू कर दिया।
### सुबह-सुबह जायजा लेने निकली थी टीम; सड़क पर बाधा बना था शेड
जानकारी के अनुसार, सीहोर नगर पालिका की टीम सुबह-सुबह शहर की मुख्य सड़कों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने और अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए निकली थी।
- क्या थी लापरवाही: निरीक्षण के दौरान टीम ने देखा कि एक दुकानदार ने मुख्य सड़क किनारे शेड लगाकर उसके नीचे भारी मात्रा में जूते-चप्पल फैला रखे थे।
- यातायात प्रभावित: इस अवैध फैलाव के कारण सड़क संकरी हो गई थी और राहगीरों के साथ-साथ वाहनों के आवागमन में भी बड़ी बाधा आ रही थी। इसे देखते हुए सीएमओ सुधीर कुमार ने तुरंत वाहन रुकवाया और कार्रवाई शुरू की।

### सफेद ट्रैक सूट में दिखे CMO, तुरंत हटवाया अतिक्रमण
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में सीएमओ सुधीर कुमार एक अलग अंदाज में, सफेद ट्रैक सूट और कैप पहने हुए दिखाई दे रहे हैं।
- सख्त हिदायत: वे दुकान के ठीक सामने खड़े होकर दुकानदार को सख्त लहजे में कानून और व्यवस्था का पाठ पढ़ाते नजर आए।
- अधिकारियों को निर्देश: सीएमओ की फटकार पड़ते ही दुकानदार तुरंत दुकान के बाहर ऊपर टंगे चप्पलों और नीचे फैले सामान को हटाने में जुट गया। इसके साथ ही सीएमओ ने मौके पर मौजूद अपने मातहत कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि शहर में कहीं भी सड़क पर सामान दिखने पर उसे तुरंत जब्त किया जाए।
### बाकी दुकानदारों में मचा हड़कंप; जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
नगर पालिका की इस अचानक और बेहद सख्त कार्रवाई के बाद शहर के अन्य अतिक्रमणकारियों और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों में हड़कंप मच गया है। कई दुकानदार आनन-फानन में अपना सामान समेटते नजर आए।
इस वायरल वीडियो पर सीहोर के स्थानीय नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:
सकारात्मक पक्ष: शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि सीहोर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था और रोजाना लगने वाले जाम से मुक्ति पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की ऐसी जमीनी सख्ती बेहद जरूरी है। दूसरा पक्ष: वहीं, कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि कार्रवाई के दौरान छोटे और गरीब दुकानदारों के प्रति थोड़ी संवेदनशीलता भी बरती जानी चाहिए।





