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लखनऊ, 24 जून 2026: लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने राहत-बचाव, एफआईआर, गिरफ्तारियों और सस्पेंशन की एक विस्तृत रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दी है।
इसी कड़ी में बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सुरक्षा मानकों और वैध मानचित्र (Map) न होने के कारण एलन, आकाश, ग्रेविटी और पैरामाउंट जैसे 16 बड़े कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया है।
🏗️ सीलिंग की जद में आए राजधानी के बड़े कोचिंग संस्थान
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से कोचिंग हब में हड़कंप मच गया है। कई संचालक अपने सेंटर बंद करके भाग खड़े हुए:
- हजरतगंज और कृष्णानगर: प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान ‘एलन’ (Allen) को नियमों की अनदेखी पर सील किया गया।
- कपूरथला: ‘ग्रेविटी’ (Gravity) कोचिंग के संचालक टीम के पहुंचने से पहले ताला लगाकर भाग गए, जिसके बाद परिसर को सील कर दिया गया।
- अलीगंज: ‘आकाश’ (Aakash), ‘गवर्नमेंट एग्जाम वाला’ और ‘पैरामाउंट’ जैसे बड़े संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। आकाश कोचिंग में कार्रवाई के वक्त छात्र पढ़ रहे थे, जिन्हें सुरक्षित उनके घर भेजा गया।

📋 लखनऊ अग्निकांड: अब तक की बड़ी कार्रवाइयां
| एक्शन का बिंदु | वर्तमान स्थिति और विवरण |
| भवन ढहाने का नोटिस | अलीगंज की जिस अवैध बिल्डिंग में आग लगी थी, उस पर नोटिस चिपका दिया गया है। 7 जुलाई को यह बिल्डिंग तोड़ी जाएगी। |
| मालिक और आरोपी गिरफ्तार | यह बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर वीरेंद्र समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। |
| अधिकारियों पर गाज | प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर LDA के 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 18 अन्य अफसरों को शासन ने नोटिस भेजा है। |
| जांच का दायरा | पूरे मामले की मॉनिटरिंग शीर्ष स्तर से हो रही है। SIT (विशेष जांच दल) घटना के कारणों और फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन की जांच कर रही है। |
🏢 जानिए, उस अवैध इमारत में क्या-क्या संचालित हो रहा था?
यह दर्दनाक हादसा 22 जून को अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला अवैध इमारत में हुआ था। सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर इस बिल्डिंग में कई व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं:
- बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर: यहाँ एक पेट शॉप (Pet Shop) और क्लीनिक संचालित था।
- सेकंड फ्लोर: यहाँ ‘लर्निंग स्पेस’ नाम की लाइब्रेरी/कोचिंग और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ था, जहाँ 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेमिंग से जुड़ा काम होता था।
- हादसे के वक्त जान बचाने के लिए जयंत नाम का एक बच्चा पहली मंजिल से नीचे कूद गया था।

🗣️ छात्रों में डर का माहौल
इस भीषण हादसे और कोचिंगों के सील होने के बाद लखनऊ में पढ़ाई कर रहे छात्रों में भारी चिंता है। नेशनल पीजी कॉलेज के छात्र आशंकित ने बताया:
“मुझे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग में एडमिशन लेना था। लेकिन इस आग की घटना और सुरक्षा में इतनी बड़ी कमियों ने मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है।”




