drnewsindia.com/ इंदौर
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विजय नगर इलाके में हुए भीषण गैस पाइपलाइन विस्फोट ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इस हादसे की चपेट में आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला ने अब बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) से एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। करीब 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस चुकीं जिनी की कहानी जहाँ लोगों की संवेदनहीनता को उजागर करती है, वहीं उनके खुद के जज्बे और हिम्मत की मिसाल भी है।
“सड़क पर जमा बारिश के पानी में खुद कूदी, तब बची जान”
जिनी झाला ने अस्पताल के बेड से वीडियो जारी कर बताया कि 23 जून की शाम वह टू-व्हीलर से अकेले अपनी नानी के घर जा रही थीं। जैसे ही वह सुमन नगर जैन मंदिर के पास पहुंचीं, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं।

“वहाँ कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। देखते ही देखते मैं और मेरी बाइक आग की चपेट में आ गए। मैंने चीख-चीखकर लोगों से कहा कि मुझ पर पानी डालो, लेकिन कोई आगे नहीं आया। सब तमाशा देख रहे थे और डरे हुए थे। आखिरकार, सड़क पर जो बारिश का पानी जमा था, मैंने खुद ही उसमें कूदकर अपने शरीर पर पानी डालना शुरू किया। कुछ देर बाद एक राहगीर भैया आए और उन्होंने दो बाल्टी पानी डाला, लेकिन तब तक मेरा पूरा बायां हाथ जल चुका था।” — जिनी झाला (कंटेंट क्रिएटर)
हादसे के बाद भी लोगों की बेरुखी खत्म नहीं हुई। जिनी ने बताया कि वह लगातार लोगों से अस्पताल पहुँचाने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। अंत में उन्होंने एक रैपिडो (Rapido) बाइक सवार को जबरन रोका और उनके साथ खुद बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचीं।

स्थिति गंभीर: चेहरे और हाथ की दो लेयर्स जलीं, 3 सर्जरी अभी बाकी
जिनी के मंगेतर और कंस्ट्रक्शन कारोबारी रजत प्रताप सिंह ने बताया कि जिनी की हालत काफी गंभीर है। उनके शरीर का एक हिस्सा और चेहरा बुरी तरह झुलस गया है।
- हाथ को भारी नुकसान: डॉक्टरों के मुताबिक, जिनी के हाथ की त्वचा की दो लेयर्स (Layers) पूरी तरह जल चुकी हैं और तीसरी लेयर भी गंभीर रूप से प्रभावित है।
- लंबा चलेगा इलाज: जिनी की एक सर्जरी हो चुकी है, जबकि 3 और मेजर सर्जरी होना बाकी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में कम से कम 3 से 4 महीने का समय लगेगा।
- एयरलिफ्ट करने की मांग: बॉम्बे हॉस्पिटल में बर्न यूनिट न होने के कारण जिनी के माता-पिता (नवल सिंह झाला और धर्मेंद्र सिंह झाला) ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद के स्पेशल बर्न यूनिट अस्पताल भेजा जाए।
प्रशासन की लापरवाही और वीआईपी दबाव के आरोप
इस पूरे मामले में अब राजनीति और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। मंगेतर रजत प्रताप सिंह ने सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन को घेरा है:
- प्रतिबंध के बावजूद बोरिंग: इंदौर प्रशासन ने 30 जुलाई तक शहर में बोरिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बिना अनुमति के अवैध बोरिंग का काम धड़ल्ले से चल रहा था।
- FIR में देरी पर सवाल: रजत का आरोप है कि घटना को लेकर तीन बार पुलिस को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी बड़े रसूखदार या मंत्री के दबाव के कारण कार्रवाई रोकी जा रही थी।

CCTV ने खोली पोल: बोरिंग मशीन जब्त, ठेकेदार समेत अन्य पर केस दर्ज
शुरुआत में स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी लगातार दावा कर रहे थे कि वहाँ केवल वाटर हार्वेस्टिंग (Water Harvesting) का काम चल रहा था। लेकिन घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने इस झूठ की पोल खोल दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ब्लास्ट के तुरंत बाद ड्राइवर बोरिंग मशीन को मौके से तेजी से भगा ले जा रहा है।
अब तक की कार्रवाई:
- मशीन जब्त: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए देर रात ही फरार बोरिंग वाहन को जब्त कर लिया है।
- मामला दर्ज: हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद विजय नगर पुलिस ने ठेकेदार राजेश चाचरा, बोरिंग मशीन के ड्राइवर सैला मैथ्यू और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- जांच कमेटी गठित: नगर निगम ने इस पूरे ब्लास्ट कांड की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष समिति बनाई है, जो दो दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
अन्य घायलों की स्थिति: राहत की बात यह है कि इस हादसे में घायल अन्य दो लोग—गोपाल मालाकार (10-15% बर्न) और सुभाष ठाकुर (10-12% बर्न) अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें आईसीयू से नॉर्मल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
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