सीहोर में फूटा किसानों का गुस्सा: 11 KV लाइन की चपेट में आए झुलसे साथी के लिए घेरा कलेक्ट्रेट; बिजली विभाग पर FIR और मुआवजे की मांग

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"सीहोर में बिजली विभाग पर भड़के किसान: 11 KV की चपेट में आए सतीश के लिए कलेक्ट्रेट घेरा; रखीं 4 बड़ी मांगें!"

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सीहोर/श्यामपुर (विशेष ब्यूरो)। बिजली विभाग की घोर लापरवाही के खिलाफ मंगलवार को सीहोर जिले के दर्जनों गांवों के किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर पीड़ित किसान को न्याय दिलाने, इलाज का पूरा खर्च उठाने और लापरवाह बिजली अधिकारियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) करने की मांग उठाई है।

⚡ खेत में ट्रैक्टर चलाते समय हुआ था हादसा, जिंदगी की जंग लड़ रहा किसान

किसानों ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा आज से ठीक 12 दिन पहले यानी 18 जून को हुआ था:

  • करंट की चपेट में आया ट्रैक्टर: ग्राम बड़वेली के रहने वाले किसान सतीश अपने खेत में ट्रैक्टर से कृषि कार्य (बखनी) कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से बेहद नीचे झूल रही 11 केवी (11 KV) की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में ट्रैक्टर आ गया, जिससे सतीश गंभीर रूप से झुलस गए।
  • भोपाल में इलाज जारी: परिजनों ने सतीश को तुरंत सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। किसान सतीश अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

😤 “5 फीट नीचे झूल रहे थे तार, 12 दिन बाद भी नहीं पहुंचा कोई अफसर”

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एमएस मेवाड़ा और एकत्रित किसानों ने विद्युत मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • शिकायतों की अनदेखी: किसानों का कहना है कि यह हाईटेंशन लाइन कई महीनों से जमीन से महज 5 फीट की ऊंचाई पर खतरनाक तरीके से लटकी हुई थी और बिजली के खंभे (पोल) भी पूरी तरह टेढ़े हो चुके थे। ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग ने इन्हें दुरुस्त नहीं किया।
  • प्रशासनिक उदासीनता: घटना के तुरंत बाद तहसील श्यामपुर और थाना दोराहा में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन आक्रोश इस बात का है कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी सुध लेने मौके पर नहीं पहुंचा।

📋 कलेक्ट्रेट में गूंजी नारेबाजी; किसानों ने रखीं ये 4 बड़ी मांगें

बड़वेली, चंदेरी, रातीखेड़ा, बमूलिया, जमनी, अंतिपुरा, महोड़िया और छापरी सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने तहसीलदार और विद्युत मंडल अधीक्षण यंत्री कार्यालय पहुंचकर डीजीएम (DGM) सुमित अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी गईं:

  1. तत्काल आर्थिक सहायता: पीड़ित किसान के महंगे इलाज के लिए बिजली कंपनी तुरंत पूरी राशि और आर्थिक सहायता जारी करे।
  2. दोषियों पर सख्त कार्रवाई: शिकायत के बाद भी लाइन ठीक न करने वाले क्षेत्र के लापरवाह अधिकारियों और लाइनमैन पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।
  3. उचित मुआवजा व नौकरी: पीड़ित परिवार को जीवन-यापन के लिए उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
  4. लाइनें दुरुस्त हों: श्यामपुर क्षेत्र के खेतों से गुजरने वाले सभी ढीले और खतरनाक बिजली तारों को तुरंत ऊंचा और व्यवस्थित किया जाए।

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